पारिवारिक विरासत से निकलकर अपनी अलग पहचान बनाना भारतीय फिल्म उद्योग के बेहद प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक कपूर खानदान में जन्मे रणबीर कपूर के लिए अभिनय की दुनिया में कदम रखना एक स्वाभाविक राह लग सकती थी परंतु अपने परिवार की विशाल और शानदार विरासत के साए से बाहर निकलकर खुद की एक स्वतंत्र अभिनेता के रूप में पहचान स्थापित करना उनके लिए एक कठिन और चुनौतीभरा रास्ता रहा था। शुरुआत में हर कोई उनकी तुलना उनके दादा राज कपूर और पिता ऋषि कपूर जैसी महान हस्तियों से करता था जिसके कारण उन पर हमेशा से ही एक बेहतरीन प्रदर्शन करने का भारी दबाव बना रहता था लेकिन उन्होंने इस दबाव को अपनी कमजोरी बनाने के बजाय अपनी सबसे बड़ी ताकत में बदल दिया और धीरे-धीरे अपने दम पर सिनेमा प्रेमियों के दिलों में एक विशेष और अमर स्थान बना लिया। उनकी शुरुआती फिल्मों से लेकर हालिया ब्लॉकबस्टर तक के सफर में इस बात का स्पष्ट प्रमाण मिलता है कि उन्होंने कभी भी अपने पारिवारिक नाम का अनुचित लाभ उठाने के बजाय अपनी कला और अभिनय कौशल को ही अपनी सफलता का मुख्य आधार बनाया है।
विभिन्न प्रकार के किरदारों के जरिए खुद को साबित करना रणबीद कपूर के अब तक के फिल्मी करियर की सबसे बड़ी खासियत यह रही है कि उन्होंने कभी भी खुद को किसी एक विशेष प्रकार की छवि या दायरे में सीमित नहीं रखा बल्कि हमेशा लीक से हटकर नए और चुनौतीपूर्ण प्रयोग किए हैं। उन्होंने 'सांवरिया' जैसी कलात्मक और भव्य फिल्म से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था और उसके बाद 'वेक अप सिड' तथा 'रॉकस्टार' जैसी फिल्मों के माध्यम से यह साबित कर दिया कि वे किसी भी जटिल किरदार को पूरी गहराई और संवेदनशीलता के साथ पर्दे पर उतार सकते हैं। 'बर्फी' में एक मूक-बधिर युवक की भूमिका हो या फिर 'ए दिल है मुश्किल' और 'एनिमल' जैसी व्यावसायिक रूप से बेहद सफल और चर्चित फिल्में, हर बार उन्होंने अपने अभिनय के स्तर को और अधिक ऊंचा उठाया है तथा दर्शकों को पूरी तरह से अचंभित किया है। उनके इसी बहुमुखी प्रतिभा और अभिनय के प्रति समर्पण ने उन्हें हिंदी सिनेमा के सबसे भरोसेमंद और प्रभावशाली कलाकारों की श्रेणी में ला खड़ा किया है जहाँ वे हर नई फिल्म के साथ अपने ही पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने का निरंतर प्रयास करते रहते हैं।
भविष्य की परियोजनाएं और सिनेमाई सफर का अगला पड़ाव अपने शानदार और प्रेरणादायक करियर के इस अहम पड़ाव पर पहुंचकर रणबीर कपूर आज भारतीय फिल्म जगत के सबसे व्यस्त और सबसे अधिक मांग वाले अभिनेताओं में गिने जाते हैं जिनके पास आने वाले समय में कई बड़े और बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट्स की लंबी कतार मौजूद है। निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा की आने वाली फिल्म 'एनिमल पार्क' और नितेश तिवारी की बहुचर्चित पौराणिक महागाथा 'रामायण' जैसे बड़े बजट के प्रोजेक्ट्स से उनके प्रशंसकों की उम्मीदें और अधिक आसमान छूने लगी हैं। उनके करियर का यह नया दौर केवल उनकी व्यावसायिक सफलता को ही नहीं दर्शाता बल्कि एक परिपक्व अभिनेता के रूप में उनकी उस गहरी समझ को भी उजागर करता है जो वे अपनी आने वाली कहानियों में लेकर आते हैं। फिल्म समीक्षक और उद्योग विशेषज्ञ मानते हैं कि रणबीर का यह सफर आने वाली युवा पीढ़ी के कई कलाकारों के लिए एक मार्गदर्शिका की तरह काम करेगा जो यह सिखाती है कि किस प्रकार धैर्य, निरंतर मेहनत और अपनी कला के प्रति सच्ची निष्ठा के बल पर बॉलीवुड की इस चमक-दमक भरी दुनिया में एक मुकाम हासिल किया जाता है।