सुबह आठ बजे एयरपोर्ट पहुंचीं अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट
भारतीय जनता पार्टी की सांसद और लोकप्रिय अभिनेत्री कंगना रनोट शनिवार की सुबह ठीक आठ बजे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हवाई अड्डे पर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने काले रंग का चश्मा लगा रखा था और शॉर्ट सलवार पहन रखी थी। हवाई परिसर में मौजूद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने अपने इस दौरे के मुख्य उद्देश्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में बताया कि वह इस समय लखनऊ में मौजूद हैं और इसके तुरंत बाद वह सीधे अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगी। अयोध्या पहुंचने पर उनका मुख्य कार्यक्रम भगवान रामलला के पवित्र दर्शन करने का है। इस धार्मिक यात्रा के अलावा उनके कुछ निजी काम भी तय हैं जिन्हें वह अपनी इस यात्रा के दौरान पूरा करेंगी। उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और यहां के माहौल को लेकर उन्होंने अपनी खुशी खुलकर जाहिर की। उनका यह दौरा राजनीतिक और व्यक्तिगत दोनों दृष्टियों से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है और वह लगातार मीडिया के केंद्र में बनी हुई हैं। एयरपोर्ट पर उनके आगमन की सूचना मिलते ही वहां के स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने पूरी सतर्कता बरती और उनके काफिले को सुरक्षित तरीके से गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
उत्तर प्रदेश की विकास योजनाओं और व्यवस्थाओं की खुलकर की सराहना
हवाई अड्डे पर पत्रकारों के साथ अनौपचारिक चर्चा के दौरान कंगना रनोट ने प्रदेश की वर्तमान स्थिति और व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती पर कदम रखते ही उन्हें हमेशा एक विशेष प्रकार की मानसिक संतुष्टि और अच्छा अनुभव होता है। उनके अनुसार इस राज्य में आने पर विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास के कार्य अपनी आंखों से देखने को मिलते हैं जो काफी सराहनीय हैं। प्रदेश सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे और जनहित में उठाए जा रहे कदमों का उन्होंने सकारात्मक रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यहां का प्रशासनिक ढांचा और विकास की गति देश के अन्य हिस्सों के लिए एक मिसाल पेश कर रही है। बातचीत के दौरान उनके हाव-भाव से यह साफ झलक रहा था कि वह राज्य की प्रगति से बेहद प्रभावित हैं। हालांकि उन्होंने अपनी यात्रा के निजी पहलुओं के बारे में ज्यादा खुलकर बात नहीं की लेकिन अयोध्या यात्रा और रामलला के दर्शन को लेकर उनकी उत्सुकता साफ नजर आ रही थी। स्थानीय स्तर पर उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गईं और विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा उनके इस दौरे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी जाने लगीं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच उनका यह संवाद काफी देर तक मीडिया के कैमरों में कैद होता रहा और इसके बाद वह अपने निर्धारित काफिले के साथ आगे की यात्रा के लिए रवाना हो गईं।
राम मंदिर आंदोलन और पिछली यात्राओं से जुड़ी रही हैं गहरी यादें
कंगना रनोट का अयोध्या और उत्तर प्रदेश से पुराना और गहरा आध्यात्मिक रिश्ता रहा है जो समय-समय पर उनकी यात्राओं से झलकता है। इससे पहले वह वर्ष 2024 में ऐतिहासिक राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर विशेष रूप से अयोध्या पहुंची थीं। उस ऐतिहासिक समारोह के दौरान उन्होंने प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में खुद झाड़ू लगाकर साफ-सफाई की थी और अपनी निष्ठा का परिचय दिया था। इसके अलावा वह प्राण-प्रतिष्ठा के मुख्य अनुष्ठान समारोह में भी पूरे उत्साह के साथ शामिल हुई थीं और देश के बड़े दिग्गजों के साथ इस पल की साक्षी बनी थीं। उससे भी पहले छब्बीस अक्टूबर दो हजार तेरह को अपनी फिल्म तेजस के रिलीज होने से ठीक पहले उन्होंने तंबू में विराजमान रामलला के दर्शन किए थे। इन पुरानी घटनाओं और यादों को ताजा करते हुए उनका वर्तमान दौरा एक बार फिर से धार्मिक और सांस्कृतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। उनकी इन तमाम यात्राओं के दौरान ली गई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर हमेशा से उनके प्रशंसकों के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं। हाल के दिनों में लखनऊ के एक बड़े मॉल में रामायण की कथा पर आधारित भव्य ड्रोन शो और कांच से बने छब्बीस फीट ऊंचे शिव धनुष का प्रदर्शन भी शहर की सांस्कृतिक रौनक को बढ़ा रहा है। इन तमाम आयोजनों और कंगना के आगमन से उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी में इन दिनों उत्सव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है और लोग इस पूरी घटनाक्रम पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।