गोवा में दिल का दौरा पड़ने से निधन
हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ कलाकार नाना पाटेकर ने गुरुवार 8 अक्टूबर 2026 को अंतिम सांस ली। उनकी आयु 75 वर्ष थी और वे गोवा स्थित अपने निजी निवास पर मौजूद थे। सुबह के समय अचानक सीने में तीव्र दर्द महसूस होने के कारण उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ। घर पर तबीयत बिगड़ने के तुरंत बाद उन्हें उपचार के लिए मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। वहां मौजूद चिकित्सा विशेषज्ञों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया और लगभग 45 मिनट तक लगातार सीपीआर दिया। दुर्भाग्यवश, सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने आधिकारिक रूप से पिता के निधन की सूचना दी है। इस खबर के सामने आने के बाद फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है और तमाम प्रशंसक उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। नाना पाटेकर न केवल अपनी अभिनय प्रतिभा के लिए बल्कि अपनी बेबाक सोच के लिए भी जाने जाते थे, जिसके चलते वे अपने अंतिम समय में भी चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।
भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबले पर अपनी राय
अभिनेता नाना पाटेकर का भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच खेलने को लेकर दिया गया पुराना बयान फिलहाल सुर्खियों में छाया हुआ है। उन्होंने 14 सितंबर 2025 को पुणे में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अपना स्पष्ट रुख रखा था। उस समय उन्होंने कहा था कि उनकी निजी राय में भारतीय टीम को पड़ोसी देश के साथ खेल के मैदान पर नहीं उतरना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया था कि जब देश के लोगों का खून सीमाओं पर बहाया गया हो, तो ऐसे में खेल के रिश्ते बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर बात करना उनका काम नहीं है, फिर भी उन्होंने देशभक्ति की भावना से प्रेरित होकर अपनी व्यक्तिगत राय साझा की थी। उस समय पहलगाम में हुए आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में काफी तनाव बना हुआ था। इस विषय पर तत्कालीन परिस्थितियों में देश के कई लोगों ने मैच के बहिष्कार की पुरजोर मांग की थी।
खेल के प्रति लगाव और अन्य प्रतिक्रियाएं
नाना पाटेकर का खेल के प्रति जुनून जगजाहिर था और वे स्वयं बचपन के दिनों में ऑफ स्पिन गेंदबाजी का शौक रखते थे। वे क्रिकेट के प्रति इतने समर्पित थे कि विराट कोहली को अपना पसंदीदा खिलाड़ी मानते थे और कोहली के आउट होने पर भोजन तक छोड़ दिया करते थे। उनके निधन के बाद उनके पुराने बयानों के साथ-साथ क्रिकेट प्रेम की भी चर्चा तेज हो गई है। क्रिकेट से जुड़े विवादों के बीच उस समय अभिनेता सुनील शेट्टी ने अलग विचार रखे थे। उन्होंने खिलाड़ियों का पक्ष लेते हुए कहा था कि वे बीसीसीआई और अन्य खेल निकायों के नियमों से बंधे होते हैं। उनके अनुसार, खिलाड़ियों को मैच खेलने के लिए दोषी ठहराना उचित नहीं है क्योंकि यह अंततः एक व्यक्तिगत फैसला है कि कोई मैच देखना चाहता है या नहीं। नाना पाटेकर के चले जाने से उनके चाहने वालों में गहरा दुख है और उनके द्वारा व्यक्त की गई बातें एक बार फिर से याद की जा रही हैं।