शिमला में फिल्म वनवास की शूटिंग
अभिनेता नाना पाटेकर अपनी फिल्म वनवास की शूटिंग के सिलसिले में शिमला पहुंचे थे जहां उन्होंने कुल 17 दिन का समय व्यतीत किया। इस फिल्म में नाना पाटेकर एक पिता की भूमिका निभा रहे हैं जबकि उत्कर्ष शर्मा उनके बेटे के किरदार में दिखाई देंगे। शिमला के कई महत्वपूर्ण और दर्शनीय स्थलों को इस फिल्म की शूटिंग के लिए चुना गया था। इनमें मालरोड, रिज मैदान, मशोबरा, कुफरी और नालदेहरा जैसे इलाके प्रमुख रूप से शामिल थे। इन स्थानों पर शूटिंग के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और प्रशंसक अभिनेता की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़े थे। शूटिंग की पूरी प्रक्रिया के दौरान शिमला का वातावरण काफी जीवंत रहा और मालरोड पर तो भीड़ ने शूटिंग में काफी रुचि दिखाई। यह पूरा प्रवास फिल्म के किसी भी अन्य हिस्से की तुलना में काफी यादगार बन गया। कलाकारों और क्रू मेंबर्स ने इन सभी स्थानों पर अलग-अलग दृश्यों को फिल्माने का काम किया, जो फिल्म की कहानी के लिए काफी अहम साबित होंगे। शिमला की वादियों में बिताए गए ये 17 दिन नाना पाटेकर के लिए उनके करियर की एक महत्वपूर्ण याद बन गए हैं।
बर्फबारी ने बनाया अनुभव को यादगार
फिल्म की शूटिंग के दौरान शुरुआती दौर में बर्फ की कमी महसूस हो रही थी जिसे पूरा करने के लिए कृत्रिम बर्फ का सहारा लिया गया था। हालांकि जल्द ही मौसम ने करवट बदली और शिमला में प्राकृतिक बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया जिससे पूरी टीम का उत्साह दोगुना हो गया। बर्फ गिरते देखकर नाना पाटेकर बेहद खुश नजर आए और उन्होंने इस पल को बहुत ही खास माना। शूटिंग के दौरान जब प्राकृतिक बर्फबारी हो रही थी, तब नाना पाटेकर ने अपने हाथों में बर्फ उठाई और ईश्वर का आभार व्यक्त किया। यह दृश्य उनके शिमला प्रवास की सबसे सुखद यादों में से एक बन गया। शूटिंग के दौरान आइस स्केटिंग रिंक में भी महत्वपूर्ण दृश्य फिल्माए गए थे। वहां भी बर्फबारी का असर दिखाई दिया जिससे फिल्म के दृश्यों में एक अलग ही प्राकृतिक सौंदर्य जुड़ गया। पूरी शूटिंग के दौरान मौसम के बदलाव ने फिल्म की टीम के लिए काम को थोड़ा चुनौतीपूर्ण लेकिन बेहद खुशनुमा बना दिया था। नाना पाटेकर ने जिस तरह से बर्फबारी के दौरान अपनी खुशी जाहिर की, वह वहां मौजूद सभी लोगों के लिए देखने लायक पल था।
शूटिंग के दौरान शिमला के दर्शनीय स्थल
शिमला के ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व वाले स्थानों पर की गई यह शूटिंग फिल्म वनवास के लिए एक बड़े आकर्षण का केंद्र मानी जा रही है। मालरोड और रिज मैदान जैसे स्थानों पर शूटिंग करने से फिल्म को एक वास्तविक पहाड़ी परिवेश मिला है जो दर्शकों को सिनेमाघरों में पसंद आएगा। कुफरी और मशोबरा जैसे दुर्गम और सुंदर इलाकों में शूटिंग करने से फिल्म के विजुअल्स की गुणवत्ता और निखर गई है। नाना पाटेकर और उत्कर्ष शर्मा के बीच पिता-पुत्र के संबंधों को दर्शाने वाले कई दृश्य इन्हीं पहाड़ी वादियों में तैयार किए गए हैं। नालदेहरा की वादियों ने भी फिल्म को एक शानदार पृष्ठभूमि प्रदान की है। फिल्म की शूटिंग के दौरान स्थानीय प्रशासन और प्रशंसकों का सहयोग टीम को पूरी तरह से प्राप्त हुआ। 17 दिनों तक चले इस शूटिंग शेड्यूल ने शिमला के पर्यटन और फिल्म निर्माण की संभावनाओं को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है। अब दर्शकों को फिल्म की रिलीज का इंतजार है ताकि वे शिमला के उन दृश्यों को बड़े पर्दे पर देख सकें जिन्हें इस दौरान बड़ी मेहनत के साथ फिल्माया गया है। यह पूरा अनुभव फिल्म के प्रति दर्शकों की उत्सुकता को और भी बढ़ाने वाला है।