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उम्र का भेदभाव: किटू गिडवानी ने बॉलीवुड में दादी और मौसी का किरदार निभाने से किया साफ इनकार

अभिनेत्री किटू गिडवानी ने फिल्म इंडस्ट्री में उम्र के आधार पर कलाकारों के साथ होने वाले भेदभाव पर खुलकर अपने विचार रखे हैं और स्पष्ट किया है कि वे पारंपरिक भूमिकाएं स्वीकार नहीं करना चाहतीं।

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Kantap News डेस्क
15 अग 2026, 12:09
उम्र का भेदभाव: किटू गिडवानी ने बॉलीवुड में दादी और मौसी का किरदार निभाने से किया साफ इनकार
भारतीय सिनेमा जगत में अक्सर उम्रदराज कलाकारों को लेकर कई तरह के पूर्वाग्रह देखने को मिलते हैं। इसी विषय पर अपनी बात रखते हुए जानी-मानी अभिनेत्री किटू गिडवानी ने हाल ही में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि वह फिल्मों या धारावाहिकों में बुजुर्ग महिलाओं, जैसे कि दादी या मौसी जैसे पारंपरिक चरित्रों को पर्दे पर उतारने की इच्छुक नहीं हैं। उनका मानना है कि कलाकारों को केवल उनकी उम्र के खांचे में फिट करके टाइपकास्ट नहीं किया जाना चाहिए।

फिल्म जगत की सोच पर सवाल

किटू गिडवानी ने इस बात पर जोर दिया कि किस प्रकार मनोरंजन उद्योग में उम्र ढलने के साथ ही कलाकारों, विशेषकर महिलाओं के लिए किरदारों के विकल्प सीमित कर दिए जाते हैं। उन्हें या तो नायिका की मां या फिर अन्य वृद्ध रिश्तेदारों के रूप में पेश किया जाता है। अभिनेत्री का यह कड़ा रुख इस बात का प्रतीक है कि अब कलाकार अपनी शर्तों पर काम करना चाहते हैं और ऐसी रूढ़िवादी छवियों से बाहर निकलना चाहते हैं जो उनकी वास्तविक क्षमताओं को सीमित करती हैं। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब फिल्म इंडस्ट्री में महिला कलाकारों की भूमिकाओं और उनके लिए लिखे जाने वाले किरदारों में विविधता लाने को लेकर लगातार बहस छिड़ी हुई है। किटू गिडवानी का यह रुख अन्य कलाकारों को भी अपनी पसंद और कला के प्रति मुखर होने के लिए प्रेरित कर सकता है, जिससे भविष्य में मनोरंजन जगत में कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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