लखनऊ में विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन उत्तर प्रदेश के प्रमुख महानगर लखनऊ में हाल ही में आगामी सिनेमाई प्रस्तुति 'लव लॉटरी' के लिए एक भव्य विशेष स्क्रीनिंग कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया जिसमें फिल्म जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग और आमंत्रित दर्शक उपस्थित रहे। इस अवसर पर फिल्म के मुख्य अभिनेता अक्षय ओबेरॉय ने भी विशेष रूप से शिरकत की और कार्यक्रम के दौरान मीडिया तथा दर्शकों से खुलकर बातचीत की। इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य रिलीज से पहले स्थानीय दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर एक सकारात्मक माहौल तैयार करना और कला प्रेमियों को सीधे कलाकारों से रूबरू कराना था। स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म की पूरी टीम के चेहरे पर उत्साह साफ दिखाई दे रहा था क्योंकि इस प्रकार के आयोजनों से निर्माताओं को यह अंदाजा लगाने में आसानी होती है कि आम दर्शक उनकी रचनात्मकता को किस रूप में स्वीकार कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान अभिनेता अक्षय ओबेरॉय ने फिल्म से जुड़ी विभिन्न खासियतों पर चर्चा की और इस पूरी परियोजना को पर्दे पर उतारने के दौरान आए अनुभवों को भी साझा किया जिससे वहाँ मौजूद सभी लोगों का उत्साहवर्धन हुआ और फिल्म के प्रति उत्सुकता काफी हद तक बढ़ गई।
अक्षय ओबेरॉय का भावनात्मक बयान इस विशेष स्क्रीनिंग के दौरान अभिनेता अक्षय ओबेरॉय ने फिल्म के मुख्य संदेश और किरदारों की गहराई पर बात करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण और चर्चित बयान दिया जिसमें उन्होंने कहा कि मर्द को भी दर्द होता है और अन्याय किसी के साथ भी हो सकता है। उनके इस कथन ने वहाँ मौजूद सभी लोगों का ध्यान आकर्षित किया क्योंकि यह आमतौर पर पुरुष पात्रों को मिलने वाले पारंपरिक और सख्त फिल्मी सांचों से बिल्कुल अलग दृष्टिकोण को दर्शाता है। आज के दौर में जब सिनेमा अधिक संवेदनशील और यथार्थवादी कहानियों की ओर बढ़ रहा है, तब ऐसे विषय पुरुषों की मानसिक स्थिति और उनकी भावनात्मक कमजोरियों को भी मुख्यधारा की कहानियों का हिस्सा बनाते हैं। फिल्म में इस तरह के मजबूत और संवेदनशील पहलुओं को शामिल करने का मकसद दर्शकों को केवल मनोरंजन प्रदान करना नहीं है बल्कि समाज में चल रही पुरानी मान्यताओं पर सवाल उठाना भी है। इस तरह के संवाद और कथन कलाकारों की उस गहरी समझ को दर्शाते हैं जो वे अपने किरदारों के माध्यम से समाज तक पहुँचाना चाहते हैं ताकि लोग स्क्रीन पर चल रही कहानी से खुद को जोड़ सकें और मानवीय संवेदनाओं के विभिन्न पक्षों को गहराई से समझ सकें।
भविष्य की संभावनाएं और प्रभाव इस प्रकार के आयोजनों और प्रमुख शहरों में होने वाली विशेष स्क्रीनिंग से किसी भी फिल्म के व्यावसायिक सफर और उसकी जनप्रियता पर बहुत गहरा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब कलाकार खुद शहर-शहर जाकर अपनी कला का प्रचार करते हैं और दर्शकों से सीधे संवाद करते हैं, तो उससे एक मजबूत व्यक्तिगत जुड़ाव पैदा होता है जो बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल करने में बेहद मददगार साबित होता है। लखनऊ जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर में इस फिल्म के प्रदर्शित होने से न केवल यहाँ के कला प्रेमियों को एक नया अनुभव मिला है बल्कि आने वाले दिनों में जब यह फिल्म व्यापक स्तर पर सिनेमाघरों में उतरेगी, तो इसे लेकर दर्शकों में पहले से ही एक मजबूत उत्सुकता बनी रहेगी। इस फिल्म के जरिए निर्माताओं को उम्मीद है कि वे लीक से हटकर एक ऐसी कहानी पेश कर रहे हैं जो लोगों के दिलों को छुएगी और समाज में एक सार्थक संदेश देने में कामयाब होगी। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि आम दर्शक इस अनूठी कहानी और इसके किरदारों को किस तरह से अपनाते हैं तथा यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर किस प्रकार का मुकाम हासिल करने में सफल रहती है।