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आर्थिक मोर्चे पर बड़ी राहत: खुदरा महंगाई दर घटकर 3.2 प्रतिशत पर आई, रिजर्व बैंक की नीतियों का दिखा असर

देश के आम नागरिकों के लिए आज राहत भरी खबर सामने आई है। जुलाई महीने में खुदरा महंगाई दर में भारी गिरावट दर्ज की गई है और यह घटकर पिछले कई महीनों के सबसे निचले स्तर 3.2 प्रतिशत पर आ गई है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में आई नरमी और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा उठाए गए सख्त कदमों के कारण यह संभव हो सका है।

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Kantap News डेस्क
10 अग 2026, 00:00
आर्थिक मोर्चे पर बड़ी राहत: खुदरा महंगाई दर घटकर 3.2 प्रतिशत पर आई, रिजर्व बैंक की नीतियों का दिखा असर

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा आज जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई 2026 में घटकर 3.2% पर सिमट गई है। जून के महीने में यह दर 3.8 प्रतिशत थी। सब्जियों, दालों और खाद्य तेलों के दामों में आई गिरावट ने महंगाई को काबू करने में सबसे अहम भूमिका निभाई है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने पिछले महीनों में रेपो रेट को स्थिर रखते हुए तरलता को नियंत्रित करने के जो उपाय किए थे, उनका असर अब धरातल पर साफ दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नरमी से आम आदमी के मासिक बजट पर पड़ रहा दबाव काफी हद तक कम होगा।

खाद्य पदार्थों और ऊर्जा क्षेत्र में कीमतों का संतुलन इस बार महंगाई में आई गिरावट का मुख्य कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में खाद्य महंगाई दर का कम होना है। जुलाई महीने में खाद्य महंगाई दर गिरकर 2.9 प्रतिशत रह गई, जो कि पिछले साल इसी अवधि में काफी अधिक थी। टमाटर, प्याज और आलू जैसी जरूरी सब्जियों की कीमतों में सप्लाई चेन बेहतर होने के कारण सुधार आया है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता के चलते परिवहन और ऊर्जा लागत भी नियंत्रण में रही है। सरकार द्वारा घरेलू बाजार में आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी रोकने के लिए समय पर किए गए प्रशासनिक हस्तक्षेप ने भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

आरबीआई की अगली मौद्रिक नीति बैठक पर निवेशकों की नजर खुदरा महंगाई दर के रिजर्व बैंक के संतोषजनक दायरे (2 से 6 प्रतिशत) के भीतर और मध्य स्तर के करीब आने के बाद अब उद्योग जगत की निगाहें आगामी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर टिक गई हैं। विश्लेषकों का अनुमान है कि महंगाई के मोर्चे पर मिली इस राहत के बाद आरबीआई ब्याज दरों में कटौती करने पर विचार कर सकता है, जिससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वाले करोड़ों ग्राहकों को कम EMI का तोहफा मिल सकता है। शेयर बाजार ने भी इस खबर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और सेंसेक्स-निफ्टी में आज शुरुआती कारोबार में अच्छी खासी तेजी देखने को मिली है।

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