कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
आजम खान से केवल इसलिए मिलना चाहते थे अखिलेश? AIMIM के वारिस पठान ने किया ये दावा      कौन हैं स्वीटी अख्तर, सऊदी अरब में क्यों दी गई फांसी? परिवार ने सब बता दिया, दर्दनाक है कहानी      रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने पर बीकानेर हाउस का ये जवाब, प्रियंका गांधी ने कहा- तुम पर गर्व है      सौरव दास और आशुतोष रांका पर फिर आफत, तिहाड़ से निकलते ही नई मुसीबत ने घेरा, क्राइम ब्रांच ने भेजा समन      दोनों चुनाव आयुक्तों ने सीनियर ऑफिसर के खिलाफ शिकायत की, कैबिनेट सचिव को लिखी चिट्ठी-RTI में खुलासा      Bihar MLC Election 2026 Live: दोपहर 12 बजे तक शिक्षकों में दिखा भारी उत्साह, स्नातक क्षेत्रों में मतदान की रफ्तार धीमी      फिर चालबाजी कर रहा चीन, अरुणाचल सीमा पर बढ़ा तनाव, कई जगहों पर आमने-सामने के हालात      ‘अराजकता फैला रही कांग्रेस’, फ्रांस की तुलना दिल्ली प्रदर्शन कर BJP का राहुल पर निशाना     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
व्यापार

भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण के लिए 25 हजार करोड़ का नया निवेश

भारत सरकार ने देश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े निवेश की घोषणा की है।

X
Kantap News डेस्क
29 जुल 2026, 16:20
भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण के लिए 25 हजार करोड़ का नया निवेश

भारत सरकार ने आज एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र में 25,000 करोड़ रुपये के नए निवेश को मंजूरी दी है। यह कदम देश को वैश्विक चिप निर्माण का केंद्र बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के अनुसार, यह योजना निजी कंपनियों के साथ मिलकर अत्याधुनिक फैब इकाइयों की स्थापना पर केंद्रित होगी। इस निवेश से न केवल आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि घरेलू स्तर पर रोजगार के लाखों नए अवसर भी पैदा होंगे। विशेषज्ञ इसे 'डिजिटल आत्मनिर्भरता' की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर बता रहे हैं।

इस योजना के तहत, सरकार उन कंपनियों को विशेष सब्सिडी और कर लाभ प्रदान करेगी जो अगले तीन वर्षों के भीतर अपनी विनिर्माण इकाइयां स्थापित करेंगी। नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर चिप्स की मांग तेजी से बढ़ रही है और भारत इस बढ़ती हुई मांग को पूरा करने के लिए एक प्रमुख विकल्प के रूप में उभर रहा है। प्रमुख वैश्विक फर्मों ने भी इस पहल में गहरी रुचि दिखाई है, जिससे प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह पहल रक्षा, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।

आर्थिक जानकारों का मानना है कि इस स्तर का बुनियादी ढांचा तैयार होने से भारत के सकल घरेलू उत्पाद में कम से कम 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। आगामी महीनों में, सरकार विभिन्न राज्यों के साथ मिलकर भूमि अधिग्रहण और बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए विशेष औद्योगिक गलियारे बनाने की दिशा में काम करेगी। यह निवेश न केवल वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाएगा, बल्कि दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। देश भर के तकनीकी संस्थानों को भी इस उद्योग के लिए कुशल जनशक्ति तैयार करने हेतु नए पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज