बेंगलुरु स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप 'न्यूरॉनिक्स' ने आज वैश्विक निवेशकों से 500 मिलियन डॉलर की बड़ी राशि जुटाकर भारतीय टेक जगत को गौरवान्वित किया है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व सिलिकॉन वैली की प्रमुख वेंचर कैपिटल फर्मों ने किया है, जिससे कंपनी का मूल्यांकन अब 3 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है। कंपनी के सीईओ, विक्रम मथुर ने कहा कि यह पूंजी न केवल अनुसंधान और विकास के लिए उपयोग की जाएगी, बल्कि वैश्विक बाजारों में विस्तार के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
फंडिंग का मुख्य उद्देश्य और तकनीक भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में यह एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि मंदी की आशंकाओं के बीच भी निवेशकों ने एआई सेक्टर पर भरोसा जताया है। न्यूरॉनिक्स की कोर टेक्नोलॉजी मुख्य रूप से हेल्थकेयर और लॉजिस्टिक्स में ऑटोमेशन को सरल बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है। उन्होंने दावा किया है कि यह तकनीक अगले दो वर्षों में कम से कम 50,000 नई नौकरियां पैदा करने में मदद करेगी, जिससे देश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
बाजार में प्रतिस्पर्धा और भविष्य की योजनाएं आगामी महीनों में, न्यूरॉनिक्स अपने संचालन को दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य पूर्व तक विस्तारित करने की योजना बना रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्टार्टअप इसी गति से आगे बढ़ता रहा, तो यह जल्द ही भारत का अगला 'यूनिकॉर्न लीडर' बन जाएगा। निवेशकों के भारी विश्वास ने स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए एक सकारात्मक संदेश दिया है, जिससे भारत का टेक क्षेत्र और अधिक प्रतिस्पर्धी और मजबूत बनता जा रहा है।