बिहार के भागलपुर जिले में आज 10 अगस्त 2026 को उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आधुनिक सुविधाओं से लैस नए सिल्क पार्क का उद्घाटन संपन्न हुआ। रेशम नगरी के नाम से मशहूर भागलपुर के बुनकरों लंबे समय से आधुनिक तकनीक और विपणन केंद्रों की कमी की शिकायत थी, जिसे दूर करने के लिए इस पार्क की स्थापना की गई है। इस केंद्र में बुनकरों को उच्च गुणवत्ता वाले धागे, आधुनिक करघे और उत्पादों की फिनिशिंग के लिए विशेष मशीनें रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उनके काम की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
उद्घाटन समारोह के दौरान जिला उद्योग केंद्र द्वारा एक विशेष कार्यशाला का भी आयोजन किया गया, जिसमें बुनकरों को डिजिटल मार्केटिंग, जीएसटी पंजीकरण और सरकारी अनुदान योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य भागलपुरी सिल्क को वैश्विक बाजार में एक नई पहचान दिलाना और बिचौलियों की भूमिका को खत्म कर सीधा लाभ कारीगरों तक पहुंचाना है। स्थानीय बुनकर संगठनों ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा है कि इससे आने वाली पीढ़ी इस पारंपरिक पेशे से फिर से जुड़ने के लिए प्रेरित होगी और पलायन की समस्या पर भी रोक लगेगी।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
इस नए सिल्क पार्क के शुरू होने से न केवल पारंपरिक बुनकरों को राहत मिली है बल्कि जिले के युवाओं के लिए डिजाइनिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र में रोजगार के नए द्वार भी खुल गए हैं। पार्क परिसर में ही एक प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किया गया है जहां युवाओं को आधुनिक फैशन डिजाइनिंग और हैंडलूम वीविंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। भागलपुर प्रशासन का यह कदम राज्य के हस्तशिल्प उद्योग को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होता दिखाई दे रहा है।