जापान के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में देश का निर्यात सालाना आधार पर 23.2% बढ़कर 11.51 ट्रिलियन येन (लगभग 73 अरब डॉलर) के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, दूसरी ओर ऊर्जा और कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण आयात भी 27.8% बढ़कर 12.15 ट्रिलियन येन के अब तक के उच्चतम स्तर पर दर्ज किया गया।
निर्यात और आयात में वृद्धि के मुख्य कारण
वैश्विक मांग में रिकवरी और जापानी येन की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के बीच व्यापारिक आंकड़ों में यह बड़ा उछाल दर्ज किया गया है।
ऑटोमोबाइल और सेमीकंडक्टर की मजबूत मांग: संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और यूरोपीय देशों में जापानी कारों, इलेक्ट्रॉनिक्स पुर्जों तथा सेमीकंडक्टर निर्माण उपकरणों की भारी मांग के कारण कुल निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई।
चीन और अमेरिका को होने वाले निर्यात में उछाल: जुलाई के दौरान अमेरिका को होने वाले जापानी निर्यात में 22% तथा चीन को भेजे जाने वाले सामान में 25.8% की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई।
ऊर्जा आयात का बढ़ता बिल: कच्चे तेल, एलएनजी और अन्य खनिजों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि के कारण जापान का आयात बिल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिससे देश को लगातार तीसरे महीने 634.5 अरब येन का व्यापार घाटा (Trade Deficit) सहना पड़ा।
जापानी अर्थव्यवस्था और सेंट्रल बैंक पर प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय व्यापार में आए इस उछाल ने जापानी अर्थव्यवस्था को घरेलू मांग में जारी सुस्ती से उबारने में मदद की है। विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत निर्यात आंकड़े बैंक ऑफ जापान (Bank of Japan) को अपनी मौद्रिक नीतियों को सामान्य बनाने और ब्याज दरों में बढ़ोतरी का निर्णय लेने में सहायक सिद्ध होंगे।