आईटी शेयरों की चमक से हुई बाजार की मजबूत शुरुआत
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय वित्तीय बाजारों में पिछले तीन सत्रों से चली आ रही मंदी का सिलसिला थमता दिखा। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों में जोरदार खरीदारी के समर्थन से कारोबार का आरंभ सकारात्मक दिशा में हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स आरंभिक दौर में चार सौ सोलह अंक से अधिक की तेजी दर्ज करते हुए तिहत्तर हजार छह सौ पैंसठ अंक के स्तर पर खुला था। इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मानक सूचकांक निफ्टी पचास भी चौवन अंक की बढ़त हासिल कर बाईस हजार सात सौ बयालीस अंक पर जा पहुंचा। इसके अतिरिक्त बैंकिंग क्षेत्र का सूचकांक बैंक निफ्टी भी मामूली चालीस अंक की तेजी के साथ पचपन हजार से कम के स्तर पर आरंभ हुआ। आईटी सेक्टर के शेयरों में तीन सौ से अधिक अंकों का शानदार उछाल देखा गया। इस दौरान दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनियों में टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज के शेयरों में ढाई प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा इंफोसिस के शेयरों में डेढ़ प्रतिशत की बढ़त रही जबकि विप्रो और एचसीएल टेक के शेयरों में भी निवेशकों की तरफ से खरीदारी का रुझान साफतौर पर दिखाई दिया।
वैश्विक दबाव और महंगे कच्चे तेल ने पलटी बाजार की चाल
कारोबार आगे बढ़ने के साथ ही सूचकांकों की रफ्तार धीमी पड़ने लगी और वे शुरुआती लाभ को बचाने में नाकाम रहे। विदेशी शेयर बाजारों की सुस्ती और पेट्रोलियम पदार्थों की ऊंची कीमतों का विपरीत असर यहां के कारोबार पर साफ नजर आया। कुछ ही पल की रौनक के बाद निफ्टी सूचकांक सकारात्मक दायरे से निकलकर सीधे लाल निशान के भीतर जा गिरा। इस दौरान निफ्टी में एक सौ अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह सेंसेक्स भी डेढ़ सौ से अधिक अंक टूटकर नुकसान के दायरे में फिसल गया। दूसरी तरफ बैंक निफ्टी पूरे दिन के सत्र के दौरान भारी कमजोरी के साथ कारोबार करता रहा। इस प्रमुख बैंकिंग सूचकांक में पांच सौ अंकों से भी अधिक की भारी गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल लगभग एक सौ चौदह डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात के जरिए पूरा करता है। कच्चा तेल महंगा होने की वजह से घरेलू स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो जाता है। साथ ही इससे तमाम कंपनियों की उत्पादन लागत में इजाफा होता है और देश का व्यापार घाटा भी दबाव में आ जाता है।
मुद्रा बाजार का हाल और आगामी सत्रों की आर्थिक चुनौतियां
विदेशीमुद्रा बाजार में भारतीय मुद्रा ने डॉलर के मुकाबले मामूली मजबूती के साथ कामकाज की शुरुआत की थी। पिछले सत्र में चौरासी रुपये बयासी पैसे प्रति डॉलर पर बंद होने वाला रुपया तीन पैसे मजबूत होकर चौरासी रुपये उस्सी पैसे के आसपास खुला। दूसरी तरफ एशियाई बाजारों में भी मंदी का रुख बना रहा और अमेरिकी शेयर बाजार भी पिछले दिन नुकसान के साथ बंद हुए थे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर कंपनियों का बढ़ता खर्च और महंगे ईंधन की चिंता ने निवेशकों के मन में संशय पैदा कर दिया है। घरेलू स्तर पर अब निवेशकों की पूरी निगाहें चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही के वित्तीय परिणामों पर टिकी हुई हैं। इन परिणामों से यह स्पष्ट होगा कि मंहगी ऊर्जा और अनिश्चित वैश्विक माहौल के बीच कंपनियों ने कैसा प्रदर्शन किया है। अमेरिकी बांड की यील्ड में आई जोरदार गिरावट और रुपये की मजबूती से विदेशी निवेशकों की बिकवाली घटने की उम्मीद है। इसके अलावा जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में पिछले दो दिनों में भारी बोलियां मिली हैं और पैसा वापस आने से नकदी बढ़ सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि सोमवार को तेजी आने पर केवल बड़ी कंपनियों के शेयरों में ही मजबूती की संभावना दिखती है।