उत्तर प्रदेश में जापान के साथ औद्योगिक साझेदारी को नई मजबूती मिली है। यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 के दौरान यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन की परियोजनाओं का वर्चुअल ग्राउंड-ब्रेकिंग किया गया। इन दोनों औद्योगिक परियोजनाओं में कुल 3,191 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं से 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। यह निवेश उत्तर प्रदेश में जापानी कंपनियों की बढ़ती रुचि और राज्य के औद्योगिक ढांचे पर उनके भरोसे को दर्शाता है।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा की ओर से YEIDA के सेक्टर-10 में लगभग 2,025 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस परियोजना के तहत ट्रैक्टर, निर्माण उपकरण और उनसे जुड़े उत्पादों का निर्माण किया जाना है। यहां बनने वाले उत्पादों की आपूर्ति घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात बाजार में भी किए जाने की संभावना है। इस परियोजना से अकेले करीब 3,800 से अधिक रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, मिंडा कॉरपोरेशन की सेक्टर-10 और सेक्टर-24 में दो परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें कुल 1,166 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इन इकाइयों में इग्निशन स्विच-कम-स्टियरिंग लॉक, मेकाट्रॉनिक कंपोनेंट्स, वायरिंग हार्नेस और अन्य कनेक्शन सिस्टम जैसे ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स का निर्माण किया जाएगा। इन दोनों परियोजनाओं से लगभग 6,440 रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है।
इन परियोजनाओं का महत्व केवल निवेश और रोजगार तक सीमित नहीं है। इनसे उत्तर प्रदेश में ऑटोमोबाइल और आधुनिक विनिर्माण क्षेत्र की सप्लाई चेन को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। जापानी कंपनियों की तकनीकी विशेषज्ञता और गुणवत्ता आधारित उत्पादन प्रणाली से स्थानीय उद्योगों को भी नई तकनीक और बेहतर उत्पादन प्रक्रियाओं का लाभ मिल सकता है। सरकार का लक्ष्य जापानी कंपनियों के साथ मिलकर एक ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें बड़ी कंपनियों के साथ उनके सप्लायर और सहायक उद्योग भी विकसित हों। इसी दिशा में YEIDA क्षेत्र में लगभग 500 एकड़ में ‘जापानी सिटी’ विकसित करने की योजना भी सामने आई है।
उत्तर प्रदेश सरकार जापान के साथ सहयोग को केवल ऑटोमोबाइल तक सीमित नहीं रखना चाहती। इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भी जापानी निवेश आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए राज्य की बेहतर कनेक्टिविटी, बड़ा बाजार, औद्योगिक आधार और कुशल मानव संसाधन को प्रमुख ताकत बताया है।
कुल मिलाकर, 3,191 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं को उत्तर प्रदेश और जापान के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यदि इन परियोजनाओं का निर्धारित समय पर क्रियान्वयन होता है, तो इससे प्रदेश में उत्पादन क्षमता, रोजगार, तकनीकी हस्तांतरण और निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही, YEIDA क्षेत्र को जापानी विनिर्माण कंपनियों के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की राज्य सरकार की योजना को भी गति मिलेगी।