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यूपीआई भुगतान नागरिकों के लिए रहेगा पूरी तरह मुफ्त: केंद्र सरकार का स्पष्टीकरण

वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि आम जनता के लिए यूपीआई सेवाएं मुफ्त ही रहेंगी।

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Kantap News डेस्क
10 अग 2026, 16:36
यूपीआई भुगतान नागरिकों के लिए रहेगा पूरी तरह मुफ्त: केंद्र सरकार का स्पष्टीकरण

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के जरिए होने वाले ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने को लेकर इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चल रही खबरों पर केंद्र सरकार ने पूर्णविराम लगा दिया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक और विस्तृत बयान में स्पष्ट किया गया है कि आम नागरिकों और छोटे खुदरा व्यापारियों के लिए यूपीआई सेवा पहले की तरह ही पूरी तरह से निशुल्क बनी रहेगी। हाल ही में संसद द्वारा पारित कराधान और संबंधित कानून संशोधन विधेयकों के बाद आम जनता में यह भ्रम फैल गया था कि सरकार अब हर यूपीआई भुगतान पर सुविधा शुल्क या टीडीएस वसूलने जा रही है, जिसे सरकार ने पूरी तरह से आधारहीन और भ्रामक बताया है|

वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता और वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि भारत को डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने और नकदी पर निर्भरता कम करने में यूपीआई ने दुनिया भर में सबसे क्रांतिकारी भूमिका निभाई है। सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में से एक है कि डिजिटल वित्तीय समावेश (digital financial inclusion) को देश के अंतिम व्यक्ति तक मुफ्त और आसान बनाया जाए। हालांकि, सरकार ने यह जरूर जोड़ा कि बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कॉर्पोरेट मर्चेंट लेन-देन (MDR) के लिए एक सीमा तय करने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन इसका असर आम यूजर्स के दैनिक लेन-देन या व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) ट्रांसफर पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा।

डिजिटल इंडिया पहल को मिलेगी और गति

नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने भी सरकार के बयान का समर्थन करते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। एनपीसीआई ने स्पष्ट किया है कि सामान्य दुकानदारों, सब्जी विक्रेताओं, किराना स्टोर्स और आम नागरिकों के बीच होने वाले पी2पी (Person-to-Person) तथा पी2एम (Person-to-Merchant) के सामान्य भुगतान पूरी तरह से जीरो चार्जेस मॉडल पर ही चलते रहेंगे। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि सरकार के इस समय पर आए स्पष्टीकरण से आम उपभोक्ताओं और फिनटेक स्टार्टअप्स के बीच बना संशय समाप्त हो गया है।

वर्तमान में भारत में हर महीने 13 अरब से अधिक यूपीआई ट्रांजैक्शन दर्ज किए जा रहे हैं, जो विश्व में सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट नेटवर्क बन चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस पारदर्शी नीति से ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल पेमेंट का अपनाव तेजी से बढ़ेगा। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी प्रकार की असत्यापित वित्तीय खबरों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।

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