PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...
मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग
सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे
Rain Alert: बन गया है कम दबाव का क्षेत्र, इन राज्यों में होने जा रही मूसलाधार बारिश, आंधी तूफान का भी अलर्ट
Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म
'पाकिस्तान को अलग-थलग नहीं कर सकता भारत', मार्को रुबियो के बयान पर बोले पाकिस्तानी डिफेंस एक्सपर्ट
सोनम वांगचुक का केंद्र पर आरोप, बोले- लद्दाख से किए वादे पूरे करे सरकार
AIIMS से डीम्ड यूनिवर्सिटीज तक... NEET UG काउंसलिंग के बाद क्यों खाली रह गईं MBBS सीटें?
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
नौसेना रैंकिंग: दुनिया की 10 सबसे ताकतवर नौसेनाओं की सूची जारी, चीन और रूस से पीछे हुआ अमेरिका और ठीक पीछे है भारत
वैश्विक रक्षा क्षेत्र में नौसैनिक ताकतों का नया आकलन सामने आया है, जिसमें दुनिया की 10 सबसे शक्तिशाली नौसेनाओं की सूची जारी की गई है। इस ताज़ा रैंकिंग ने वैश्विक रणनीतिक हलकों में बड़ा ध्यान खींचा है क्योंकि इसमें कई पारंपरिक महाशक्तियों की स्थिति में बदलाव देखा गया है।
A
Ankit Yadav
25 अग 2026, 11:20
दुनिया भर की सैन्य क्षमताओं और ताकतवर नौसेनाओं का आकलन करने वाली एक नई और व्यापक सूची आधिकारिक तौर पर सामने आ गई है। इस ताज़ा वैश्विक रैंकिंग के अनुसार, समुद्र में सामरिक प्रभुत्व स्थापित करने वाले देशों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। सैन्य विश्लेषकों और रक्षा विशेषज्ञों की ओर से तैयार की गई इस सूची ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है, क्योंकि इसमें पारंपरिक रूप से सबसे आगे रहने वाले देशों के समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। इस ताजा आकलन में विभिन्न देशों के बेड़े के आकार, तकनीकी आधुनिकीकरण और उनकी मारक क्षमता को आधार बनाया गया है।
अमेरिका से आगे निकले चीन और रूस
नवीनतम नौसैनिक सूची के विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि महासागरों में अपनी पकड़ मजबूत करने के मामले में अमेरिका को चीन और रूस से पीछे रहना पड़ा है। पारंपरिक रूप से दुनिया की सबसे प्रभावशाली समुद्री सेना के रूप में देखे जाने वाले अमेरिका के लिए यह स्थिति रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दूसरी ओर, चीन और रूस लगातार अपनी नौसैनिक क्षमताओं को आधुनिक बनाने, अपने बेड़े में अत्याधुनिक युद्धपोतों और पनडुब्बियों को शामिल करने पर विशेष जोर दे रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप वे इस वैश्विक मूल्यांकन में आगे निकल गए हैं। रक्षा जानकारों का मानना है कि महासागरों में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेजी से बदल रही है और आने वाले दिनों में यह रक्षा बजट तथा तकनीक के मोर्चे पर और अधिक तेज हो सकती है।
भारत की स्थिति और भविष्य की रणनीतियां
इस प्रतिष्ठित और बहुप्रतीक्षित सूची में भारत की स्थिति बेहद मजबूत और उत्साहजनक बनी हुई है, जो शीर्ष देशों के ठीक पीछे मजबूती से खड़ी है। भारतीय नौसेना लगातार अपनी ऑपरेशनल तैयारियों, स्वदेशी युद्धपोत निर्माण और तकनीकी आत्मनिर्भरता के बल पर अपनी वैश्विक साख को सुदृढ़ कर रही है। देश के रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया पहलों के तहत विमान वाहक पोतों, उन्नत पनडुब्बियों और विध्वंसक जहाजों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे हमारी समुद्री सीमाएं अधिक सुरक्षित हो रही हैं। आने वाले समय में इन रक्षा आकलनों का असर दुनिया भर के देशों की विदेश नीतियों और नौसैनिक रणनीतिक गठजोड़ पर पड़ना तय है, क्योंकि सभी देश अपने समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय प्रभुत्व को बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।