Lucknow Desk : प्रदेश में लगातार बढ़ रहे बाढ़ के प्रकोप ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब तक राज्य के 19 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 14 जिलों में अभी भी बाढ़ और जलभराव का असर बना हुआ है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से जरूरत के हिसाब से नाव, मोटर बोट, बचाव दल और मेडिकल टीमों की संख्या बढ़ाई जा रही है। बाढ़ की वजह से प्रदेश के 258 गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में लोगों के साथ-साथ खेती को भी नुकसान पहुंचा है। आंकड़ों के मुताबिक 92 गांव ऐसे हैं, जहां आबादी और कृषि दोनों पर बाढ़ का असर पड़ा है।
वहीं 27 गांवों में कटान की समस्या सामने आई है। 75 गांवों में जलभराव के कारण आबादी प्रभावित हुई है। इसके अलावा 91 गांवों में केवल कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। 26 गांवों में बाढ़ के कारण संपर्क मार्ग कट गए हैं, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रभावित इलाकों में प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के अनुसार लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फिलहाल कुल 157 गांवों में राहत कार्य चल रहा है। ग्रामीण इलाकों की करीब 1.45 लाख आबादी बाढ़ और जलभराव से प्रभावित बताई जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और प्रभावित परिवारों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अलग-अलग स्थानों पर बाढ़ शरणालय और सुरक्षित ठिकानों की व्यवस्था की है।
अब तक 1,274 गांवों से संबंधित लोगों को बाढ़ शरणालयों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा चुकी है। वहीं 1,905 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। इसके साथ ही 13,611 लोगों के बाढ़ शरणालयों में रहने की व्यवस्था की गई है। राहत शिविरों में लोगों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रशासन और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रहे हैं, ताकि बाढ़ की स्थिति में किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके। बाढ़ प्रभावित जिलों में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर राहत और बचाव अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति में बदलाव के साथ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की तैयारियां और तेज की जा सकती हैं।