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शिक्षा

शानदार सफलता: बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में हुआ 98 प्रतिशत नामांकन

बिहार के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित हुआ है, जहाँ राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में बंपर दाखिले दर्ज किए गए हैं।

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Ankit Yadav
13 सित 2026, 14:29
शानदार सफलता: बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में हुआ 98 प्रतिशत नामांकन
बिहार में तकनीकी शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। राज्य के विभिन्न सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में इस शैक्षणिक सत्र के दौरान कुल उपलब्ध सीटों का 98 प्रतिशत नामांकन पूरा हो चुका है। यह शानदार उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि युवाओं का रुझान अब पारंपरिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा की ओर तेजी से बढ़ रहा है। शिक्षा विभाग के लगातार प्रयासों और संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं के विकास का ही यह परिणाम है कि छात्रों ने इन कोर्सेस में भारी मात्रा में दाखिला लिया है।

तकनीकी शिक्षा का दायरा बढ़ाने की तैयारी

राज्य की मंत्री शीला कुमारी ने इस उल्लेखनीय सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि आने वाले समय में तकनीकी शिक्षा के दायरे को और अधिक विस्तृत किया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण मिल सके, जिससे वे रोजगार के बाजार में आसानी से टिक सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। पिछले कुछ वर्षों में बिहार सरकार ने राज्य के अंदर तकनीकी संस्थानों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ वहां प्रयोगशालाओं, डिजिटल संसाधनों और अनुभवी फैकल्टी की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया है, जिसका सकारात्मक असर अब प्रवेश के आंकड़ों में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। राजधानी पटना से लेकर लखनऊ और देश के अन्य बड़े शैक्षणिक केंद्रों की तर्ज पर बिहार में भी तकनीकी शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। छात्रों और उनके अभिभावकों का सरकारी संस्थानों पर बढ़ता हुआ यह भरोसा इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में यह राज्य तकनीकी प्रतिभाओं का एक बड़ा हब बनकर उभर सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, जिन कुछेक सीटों पर अभी दाखिले नहीं हो पाए हैं, उनके लिए भी आगे की प्रक्रियाओं पर विचार किया जा रहा है ताकि शत-प्रतिशत सीटों को भरने का लक्ष्य हासिल किया जा सके। इस दिशा में आगे की योजनाओं के तहत नए पाठ्यक्रम शुरू करने, आधुनिक तकनीकों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने और उद्योग जगत की जरूरतों के अनुसार छात्रों को प्रशिक्षित करने की व्यापक रूपरेखा तैयार की जा रही है। मंत्री शीला कुमारी ने विश्वास जताया है कि यदि इसी गति से काम होता रहा, तो आने वाले शैक्षणिक सत्रों में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बिहार न केवल देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा, बल्कि यहाँ के छात्र वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने में भी पूरी तरह सफल होंगे।
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