डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के तेजी से बढ़ते दायरे को देखते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ओटीटी (Over-The-Top) कंटेंट के लिए सेल्फ-रेगुलेशन फ्रेमवर्क को और अधिक मजबूत करने का फैसला किया है। नए प्रस्तावित दिशानिर्देशों के तहत, सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को अपनी फिल्मों और वेब सीरीज के लिए अधिक स्पष्ट आयु-आधारित रेटिंग (जैसे U, U/A 7+, U/A 13+, U/A 16+, और A) और कंटेंट डिस्क्लेमर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने होंगे। इसका उद्देश्य दर्शकों और अभिभावकों को बच्चों के लिए उपयुक्त सामग्री चुनने में मदद करना है।
मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकार ओटीटी पर सीधे तौर पर कोई पूर्व-सेंसरशिप बोर्ड लागू नहीं कर रही है, बल्कि प्लेटफॉर्म्स को ही अधिक जिम्मेदार और पारदर्शी बनाने की जवाबदेही दी जा रही है। नई व्यवस्था में यदि किसी शो या फिल्म की विषय-वस्तु के खिलाफ दर्शकों की शिकायतें आती हैं, तो तीन-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal Mechanism) के तहत उनकी त्वरित सुनवाई होगी। प्लेटफॉर्म्स को अपनी कंटेंट सलाहकार समितियों में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को शामिल करना होगा।
ओटीटी उद्योग के प्रतिनिधियों और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स ने इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि यह रचनात्मक स्वतंत्रता को बनाए रखते हुए जिम्मेदारी से कंटेंट परोसने का अवसर देता है। मनोरंजन उद्योग के जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के पारदर्शी वर्गीकरण से दर्शकों को सही निर्णय लेने में आसानी होगी और परिवारों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग और अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बन सकेगा।