भारतीय सिनेमा निर्माण तकनीक में आज एक नए युग की शुरुआत हुई है, जब मुंबई में अत्याधुनिक एलइडी वॉल और रियल-टाइम गेमिंग इंजन पर आधारित पहले वर्चुअल प्रोडक्शन स्टूडियो का लोकार्पण किया गया। हॉलीवुड की तर्ज पर बने इस स्टूडियो की मदद से अब निर्देशकों को वास्तविक लोकेशन पर शूटिंग करने की अनिवार्यता से बड़ी राहत मिलेगी। इस स्टूडियो के विशाल एलईडी पैनोरमा स्क्रीन पर किसी भी काल्पनिक या ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को वास्तविक समय में जीवंत किया जा सकता है, जिससे वीएफएक्स के पोस्ट-प्रोडक्शन का समय और लागत दोनों में भारी बचत होगी।
फिल्म निर्माण की लागत और समय में आएगी कमी पारंपरिक फिल्मों की शूटिंग के दौरान सेट डिजाइनिंग और मौसम की अनिश्चितता पर होने वाला भारी खर्च अब इस नई तकनीक के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकेगा। अभिनेता अब वास्तविक दिखने वाले डिजिटल सेट के सामने सहजता से अभिनय कर सकेंगे क्योंकि कैमरा ट्रैकिंग सिस्टम बैकग्राउंड को अभिनेताओं की गति के अनुसार स्वतः समायोजित कर लेता है। कई प्रसिद्ध फिल्म निर्माताओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा है कि यह तकनीक भारतीय सिनेमा को वैश्विक मानकों के समकक्ष खड़ा कर देगी।
भविष्य की मेगा फिल्मों की शूटिंग होगी यहाँ आने वाले महीनों में बॉलीवुड की कई बड़ी बजट की ऐतिहासिक और फंतासी फिल्मों की शूटिंग इसी स्टूडियो में निर्धारित की गई है। इसके साथ ही, युवा फिल्मकारों और स्वतंत्र निर्देशकों को रियाद दरों पर यह तकनीक उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई है, जिससे क्षेत्रीय सिनेमा को भी उच्च कोटि की तकनीकी सहायता मिल सकेगी।