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बड़ी घोषणा: यूपी में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मिलेगा लोन, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का ऐलान
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने राज्य की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए लोन दिए जाने की घोषणा की है, जिससे ग्रामीण अंचल और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
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Ankit Yadav
10 सित 2026, 12:38
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक अहम घोषणा करते हुए बताया है कि स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी हुई महिलाओं को अब आसानी से ऋण यानी लोन उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत करना और उन्हें अपने छोटे व्यवसाय या उद्योग शुरू करने के लिए प्रेरित करना है। इस योजना के माध्यम से राज्यभर की हजारों महिलाओं को सीधे तौर पर लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
महिला सशक्तिकरण की ओर एक नया कदम
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर राज्य के दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों तक, महिला स्वयं सहायता समूहों का नेटवर्क काफी तेजी से फैल रहा है। पिछले कुछ वर्षों में इन समूहों से जुड़कर महिलाओं ने विभिन्न प्रकार के घरेलू उद्योगों, हस्तशिल्प, कृषि आधारित गतिविधियों और लघु व्यवसायों में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई है। हालांकि, पूंजी की कमी हमेशा से इन महिलाओं के सामने एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा की गई इस लोन की घोषणा से अब इस आर्थिक बाधा को दूर करने में मदद मिलेगी, जिससे महिलाएं अपने उद्यमों का विस्तार कर सकेंगी और अपने परिवार की आजीविका में और अधिक योगदान दे पाएंगी।
इस योजना के तहत मिलने वाली ऋण राशि का उपयोग महिलाएं अपने मौजूदा कारोबार को आगे बढ़ाने या किसी नए रोजगार की शुरुआत करने के लिए कर सकेंगी। सरकार का यह प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में भी एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। वित्तीय संस्थानों और बैंकों के माध्यम से इन ऋणों को सुगमता से वितरित किए जाने की योजना है, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को अनावश्यक कागजी कार्रवाई या जटिल प्रक्रियाओं का सामना न करना पड़े। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सही समय पर सही लाभार्थियों तक मदद पहुंच सके।
लखनऊ से लेकर ग्रामीण स्तर तक उत्साह का माहौल
उपमुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद से लखनऊ के राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक हलकों में इसकी चर्चा जोर पकड़ चुकी है। विभिन्न महिला संगठनों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सदस्यों ने इस कदम का स्वागत किया है। जानकारों का मानना है कि महिलाओं के हाथों में वित्तीय नियंत्रण आने से सामाजिक स्तर पर भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। आने वाले दिनों में सरकार इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकती है, जिसमें लोन की सीमा, ब्याज दरों और चुकाने की शर्तों का खुलासा किया जाएगा।
कुल मिलाकर, यह पहल उत्तर प्रदेश सरकार की उन नीतियों का हिस्सा है जो समावेशी विकास और महिला केंद्रित कल्याणकारी योजनाओं पर जोर देती हैं। जैसे-जैसे इस योजना का जमीनी स्तर पर विस्तार होगा, राज्य की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका और अधिक मजबूत होने की पूरी संभावना है। प्रशासन की कोशिश है कि इस योजना का लाभ बिना किसी भेदभाव के हर पात्र महिला तक पहुंचे, जिससे उत्तर प्रदेश में महिला उद्यमिता को एक नई उड़ान मिल सके।