ब्रिक्स समिट की गाला डिनर पार्टी में कौन-कौन से मुख्यमंत्री शामिल हुए, किस राज्य के सीएम नहीं आए; यहां जाने
शी जिनपिंग की भारत यात्रा और ब्रिक्स 2026 को चीन का मीडिया कैसे देख रहा है
BRICS करेंसी का समिट में रखा गया प्रस्ताव? भारत ने साफ किया रुख, बताया नई दिल्ली डिक्लेरेशन पर कैसे बनी सहमति
ब्रिक्स के गाला डिनर में छा गए मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम, सुर में गाए किशोर कुमार के 2 गाने
मायावती भतीजी दीपिका को सौंप सकती हैं पार्टी: कहा- आकाश-ईशान को कोई पद नहीं दूंगी; मैं अविवाहित, मजबूरी में...
‘लालू जी की विचारधारा पर गहरा आघात…’, MLC चुनाव में RJD के उम्मीदवारों के ऐलान पर भड़कीं रोहिणी आचार्य
'बदलाव का यही सही समय', UNSC सुधार पर पीएम मोदी की मांग को यूएन का समर्थन; ब्रिक्स अध्यक्षता की सराहना की
पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर बढ़ी हलचल... शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत PA की मां हासी रथ को टिकट दे सकती है BJP
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
मतदान का रिकॉर्ड: नगर निकाय चुनाव के दोनों चरणों में कुल 73.56 प्रतिशत वोट पड़े
स्थानीय निकाय चुनाव के दोनों चरणों की मतदान प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है, जिसमें मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कुल 73.56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
A
Ankit Yadav
12 सित 2026, 10:48
राजस्थान में आयोजित हालिया स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों की जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली है। राज्यभर में संपन्न हुए इन चुनावों के दोनों चरणों का कुल मतदान प्रतिशत 73.56 दर्ज किया गया है, जो कि स्थानीय स्तर पर जनता के मजबूत राजनीतिक रुख और जागरूकता को दर्शाता है। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखा गया था ताकि मतदाता बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
मतदाताओं की कुल संख्या और भागीदारी
चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस बार के नगरीय निकाय चुनावों में पंजीकृत कुल मतदाताओं की संख्या 1,45,15,875 थी। इनमें से कुल 1,06,78,108 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का सार्थक इस्तेमाल करते हुए मतदान केंद्रों पर वोट डाले। इतनी बड़ी संख्या में नागरिकों का बाहर आना और लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेना चुनावी सफलता का एक बड़ा प्रमाण माना जा रहा है। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों से मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला, खासकर महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर लंबी कतारों में खड़े होकर अपने वोट डाले।
शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित माहौल में संपन्न हुए इन चुनावों के दोनों चरणों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। निर्वाचन विभाग ने मतदान केंद्रों पर सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की थीं ताकि किसी भी मतदाता को असुविधा का सामना न करना पड़े। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला था ताकि पूरी मतदान प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके। संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी गई थी, जिससे मतदान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और लोग पूरी तरह सुरक्षित महसूस करते हुए वोट डाल सकें।
अब जबकि मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, सभी की निगाहें आगामी मतगणना और नतीजों पर टिकी हुई हैं। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की धड़कनें तेज हो गई हैं क्योंकि इस भारी मतदान ने कई समीकरणों को बदल कर रख दिया है। जानकारों का मानना है कि इतना अधिक मतदान प्रतिशत किसी बड़े बदलाव या सत्ता विरोधी लहर का संकेत हो सकता है, या फिर यह मौजूदा स्थानीय नेतृत्व के प्रति जनता के विश्वास को भी उजागर कर सकता है। निर्वाचन आयोग द्वारा जल्द ही मतगणना की तारीख और स्थान की आधिकारिक घोषणा की जाएगी, जिसके बाद स्पष्ट हो जाएगा कि स्थानीय निकायों की कमान किसके हाथों में जाएगी।