छत्तीसगढ़ की खेल संस्कृति और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से स्थापित भंजदेव खेल अलंकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि आगामी 30 सितंबर तय की गई है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए राज्यभर के प्रतिभावान खिलाड़ी, प्रशिक्षक और खेल से जुड़ी संस्थाएं अपने आवेदन भेज सकती हैं। खेल विभाग और संबंधित प्रशासनिक समितियों द्वारा इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हर एक हकदार एथलीट और खेल हस्ती तक इस सम्मान की पहुंच सुलभ हो सके। आवेदन प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों को अपने पिछले सत्रों के खेल प्रदर्शन, पदक तालिका, और टूर्नामेंट में भागीदारी के प्रामाणिक दस्तावेज संलग्न करने अनिवार्य किए गए हैं।
इस प्रकार के राज्य स्तरीय खेल अलंकरणों का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के युवाओं में खेलों के प्रति रुझान बढ़ाना और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करना है। इस पुरस्कार योजना के तहत विभिन्न खेल विधाओं में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले धुरंधरों को चुनकर उन्हें सम्मानित किया जाता है, जिससे खेल जगत में एक सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का माहौल तैयार होता है। पिछले कुछ वर्षों में स्थानीय स्तर से निकलकर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी धाक जमाने वाले खिलाड़ियों की संख्या में इजाफा हुआ है, जिसे देखते हुए इस तरह के सम्मान समारोहों का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। प्रशासनिक स्तर पर खेल अधिकारियों का प्रयास रहता है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और निष्पक्ष मूल्यांकन के जरिए केवल सबसे योग्य खेल प्रतिभाओं को ही इस अलंकरण के लिए चुना जाए।
अंतिम तिथि नजदीक आने के बाद अब राज्य के विभिन्न जिलों के खेल परिसरों और अकादमियों में आवेदन फॉर्म भरने की होड़ सी मच गई है, और खिलाड़ी समय सीमा समाप्त होने से पहले अपनी प्रविष्टियां पूरी करने में जुटे हैं। आवेदन पत्रों की अंतिम तिथि बीतने के बाद एक उच्च स्तरीय चयन समिति इन तमाम प्रविष्टियों की गहन समीक्षा करेगी और उसके आधार पर विजेताओं की अंतिम सूची तैयार की जाएगी। आगामी दिनों में इस बात की घोषणा की जाएगी कि किस-किस खिलाड़ी या खेल हस्ती को इस वर्ष के भंजदेव खेल अलंकरण से नवाजा जाएगा, जिसका खेल प्रेमी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस पुरस्कार के वितरण से न केवल व्यक्तिगत खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा होता है बल्कि आने वाली युवा पीढ़ी को भी पेशेवर रूप से खेलों को अपनाने के लिए एक ठोस प्रेरणा मिलती है।