कंटाप
NEWS
मंगलवार, 8 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
धुरंधर के गाने पर मोदी की एंट्री, रैंप पर चले: जेन-जी संवाद में राहुल पर तंज- झूठ की गूंज से भटकाने वाले हर...      BRICS से ठीक पहले मोदी-पुतिन की मुलाकात, 11 सितंबर को दिल्ली में होगी अहम बैठक, क्या होगा एजेंडा?      फ़्रांस: हिंदू समूह के दौरे के बाद एफ़िल टावर के कर्मचारियों ने नाराज़ होकर क्यों कर दी हड़ताल, जानें पूरा मामला      मणिपुरी म्यूज़िशियन की दिल्ली में पीट-पीटकर हत्या के आरोप में आठ गिरफ़्तार      कुआं या कुछ और! सहारनपुर में मस्जिद के नीचे मिला लखौरी ईंटों से बना ढांचा, ASI ने क्या बताया      PM मोदी ने की NDA की मीटिंग? कौन पहुंचा; कैबिनेट फेरबदल की अटकलें फिर तेज      PM मोदी के कार्यक्रम से पहले अंबानी कल्चरल सेंटर से 2 संदिग्ध हिरासत में, PMO की फर्जी ID और बंदूक बरामद      रेलवे ने दशहरा-दिवाली पर यात्रियों को दी राहत! ट्रेन के ट्रिप बढ़े, एक्स्ट्रा कोच भी जुड़ेगा     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
खेल

बड़ा दावा: क्या साल 2027 में पाकिस्तान जाएंगे भारतीय खिलाड़ी

पाकिस्तान ओलंपिक संघ (POA) की तरफ से एक बहुत बड़ा दावा सामने आया है, जिसके बाद खेल जगत में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या आने वाले समय में भारतीय खिलाड़ी पड़ोसी देश का दौरा करेंगे।

A
Ankit Yadav
08 सित 2026, 15:13
बड़ा दावा: क्या साल 2027 में पाकिस्तान जाएंगे भारतीय खिलाड़ी
खेल के मैदान से एक दिलचस्प और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने क्रिकेट प्रेमियों और खेल प्रशासकों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पाकिस्तान ओलंपिक संघ यानी पीओए के एक ताजा दावे ने भविष्य के दौरों को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है। इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद से ही खेल गलियारों में इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या कूटनीतिक और खेल के मोर्चे पर हालात में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी कई आधिकारिक और औपचारिक बयानों का आना बाकी है, लेकिन इस शुरुआती दावे ने ही माहौल को गर्म कर दिया है।

पीओए का बड़ा बयान और क्रिकेट की राजनीति

भारतीय खिलाड़ियों के पड़ोसी देश जाने की संभावनाओं को लेकर पीओए की तरफ से यह बयान ऐसे समय पर आया है जब दोनों देशों के बीच खेल संबंधों को लेकर लंबे समय से संशय की स्थिति बनी हुई है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, अयोध्या और सीतापुर जैसे क्षेत्रों से लेकर देश के अन्य तमाम हिस्सों में खेल प्रेमी इस बात को लेकर खासे उत्सुक रहते हैं कि द्विपक्षीय सीरीज या बहु-देशीय टूर्नामेंट्स के लिए क्या भविष्य में कोई सकारात्मक कदम उठाया जाएगा। लंबे वक्त से दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच क्रिकेट और अन्य खेलों का आयोजन तटस्थ स्थलों पर ही होता आया है, ऐसे में इस तरह के दावे हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए काफी हैं। भविष्य की खेल आयोजनों की रूपरेखा और अंतरराष्ट्रीय बोर्डों के नियमों को यदि ध्यान में रखा जाए, तो किसी भी देश का दौरा केवल खेल संघों की इच्छा पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इसमें दोनों देशों की सरकारों की हरी झंडी भी बेहद जरूरी होती है। उत्तर प्रदेश के खेल प्रेमियों और जानकारों का भी यही मानना है कि जब तक सुरक्षा और राजनीतिक मुद्दों पर पूरी तरह से सहमति नहीं बनती, तब तक इस तरह के दावों पर पूरी तरह से मुहर लगाना जल्दबाजी होगी। फिर भी, इस प्रकार के बयानों से यह जरूर साफ होता है कि इस मुद्दे पर चर्चाओं का दौर अभी थमा नहीं है और अंदरखाने बातचीत या संभावनाओं की तलाश जारी हो सकती है। आने वाले महीनों में इस मामले पर तस्वीर और ज्यादा साफ होने की उम्मीद है, खासकर तब जब अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स के शेड्यूल और मेजबानी के अधिकारों पर अंतिम फैसले लिए जाएंगे। क्या भारतीय दल वास्तव में पड़ोसी मुल्क की यात्रा करेगा या फिर हालात जस के तस बने रहेंगे, इसका जवाब तो वक्त ही देगा। तब तक खेल प्रेमियों और मीडिया की नजरें हर एक नए अपडेट पर टिकी रहेंगी, क्योंकि खेल और कूटनीति का यह मेल हमेशा से ही बेहद संवेदनशील और चर्चित विषय रहा है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज