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चयन से निराशा: क्रुणाल पंड्या ने चार शब्दों में दिया सेलेक्टर्स को करारा जवाब
भारतीय क्रिकेट टीम में लगातार अनदेखी का सामना कर रहे ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या ने चयनकर्ताओं के रवैये पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सब कुछ झटकने और घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बाद भी जब उन्हें स्क्वाड में जगह नहीं मिली, तो उन्होंने मात्र चार शब्दों में अपनी बात कहकर सभी का ध्यान खींच लिया।
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Ankit Yadav
02 सित 2026, 13:52
भारतीय घरेलू सर्किट और विभिन्न टी20 लीगों में लगातार बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन देने के बावजूद राष्ट्रीय टीम के दरवाज़े क्रुणाल पंड्या के लिए बंद नजर आ रहे हैं। कई बार चयनकर्ताओं के फैसलों पर सवाल खड़े होते रहे हैं, खासकर तब जब किसी खिलाड़ी का प्रदर्शन मापने योग्य पैमानों पर खरा उतरता है। इसी सिलसिले में एक बार फिर तब चर्चा गर्म हो गई जब क्रुणाल को उनकी उम्मीदों के विपरीत मुख्य टीम में जगह नहीं दी गई, जिससे फैंस भी हैरान रह गए। खिलाड़ी की तरफ से आया यह संक्षिप्त बयान खेल जगत में चर्चा का विषय बन गया है और चयन प्रक्रिया पर बहस को फिर से हवा दे रहा है।
घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में दमदार प्रदर्शन का असर
क्रुणाल पंड्या ने गेंद और बल्ले दोनों से ही लंबे समय तक निरंतरता दिखाई है। आईपीएल हो या फिर घरेलू टूर्नामेंट, उनकी उपयोगिता एक मैच विनर खिलाड़ी के रूप में साबित होती रही है। इसके बावजूद उन्हें राष्ट्रीय चयन समिति की योजनाओं से लगातार बाहर रखना कई जानकारों को भी पच नहीं रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जब कोई खिलाड़ी हर मोर्चे पर खुद को साबित कर चुका हो, तो उसकी अनदेखी करना टीम के संतुलन और खिलाड़ी के मनोबल दोनों पर असर डालती है। यही वजह है कि जब मौका मिलने की उम्मीदें धूमिल हुईं, तो क्रुणाल का दर्द खुलकर सामने आ ही गया।
क्रिकेट प्रेमियों और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। फैंस का एक बड़ा वर्ग मानता है कि अनुभव और फॉर्म के आधार पर क्रुणाल को टीम में एक और मौका मिलना चाहिए था। हालांकि चयनकर्ताओं की अपनी नीतियां और भविष्य की योजनाएं होती हैं, जिनके तहत वे युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। फिर भी, सीनियर खिलाड़ियों की इस तरह की उपेक्षा पर खेल गलियारों में अक्सर बहस छिड़ जाती है कि क्या केवल आंकड़ों से परे भी कुछ समीकरण काम करते हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या चयन समिति क्रुणाल पंड्या के प्रदर्शन पर दोबारा विचार करती है या फिर यह अनदेखी यूं ही जारी रहती है। खेल के मैदान पर हर खिलाड़ी का सपना देश के लिए खेलना और जीत में योगदान देना होता है, और जब इस तरह की बाधाएं आती हैं तो खिलाड़ी अपनी मायूसी जाहिर करने से नहीं चूकते। क्रुणाल का यह संक्षिप्त जवाब भले ही छोटा हो, लेकिन इसके मायने बहुत गहरे हैं जो आने वाले समय में भी क्रिकेट चर्चाओं का हिस्सा बने रहेंगे।