प्रतियोगिता का स्वरूप और आयोजन स्थल
नालंदा के दिव्यांग युवा खिलाड़ियों के लिए एक जिला स्तरीय चयन प्रतियोगिता आयोजित करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण की वार्षिक खेल कार्ययोजना 2026-27 के अंतर्गत यह कार्यक्रम 22 अक्टूबर को संपन्न होगा। इस आयोजन का मुख्य केंद्र चंडी का बापू प्लस-2 उच्च विद्यालय परिसर चुना गया है। सभी प्रतिभागियों को खेल के मैदान में समय पर पहुंचना अनिवार्य है ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे। इस स्पर्धा का उद्देश्य उन युवाओं को मौका देना है जो अपनी खेल कुशलता के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं। प्रतियोगिता में अंडर-30 आयु वर्ग के खिलाड़ियों को वरीयता दी जाएगी, जिससे युवा प्रतिभाओं को अपने कौशल को निखारने का मंच मिल सके। जिला प्रशासन द्वारा इस आयोजन को लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है ताकि दिव्यांग खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यह आयोजन स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
रजिस्ट्रेशन और भागीदारी से जुड़ी आवश्यक जानकारी
खेलों में भाग लेने के लिए जिला खेल कार्यालय द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। प्रतियोगिता के दिन सुबह 9 बजे से 11 बजे के बीच स्थल पर ही पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसमें जिले के सरकारी विद्यालयों, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थानों के छात्र शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा जो युवा वर्तमान में पढ़ाई नहीं कर रहे हैं, उनके लिए भी यह एक सुनहरा अवसर है। प्रतिभागियों को यह ध्यान रखना होगा कि उन्हें अपने आने-जाने के परिवहन का खर्च खुद उठाना होगा। इस चयन प्रक्रिया में एथलेटिक्स, क्रिकेट और फुटबॉल जैसी खेल विधाएं रखी गई हैं, जो केवल दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए हैं। एथलेटिक्स में बालक और बालिकाएं दोनों अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। हर प्रतिभागी को खेल के दौरान अपने प्रदर्शन के आधार पर ही चयन की उम्मीद रखनी होगी, क्योंकि अधिकारियों की टीम खेल कौशल का बारीकी से मूल्यांकन करेगी। पंजीकरण के लिए कोई भी पूर्व आवेदन की बाध्यता नहीं रखी गई है।
भविष्य के अवसर और प्रशासनिक दिशा-निर्देश
यह चयन प्रतियोगिता केवल एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह खिलाड़ियों के लिए भविष्य की नई राहें खोलने का जरिया है। जिला खेल पदाधिकारी ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए कई विभागों को जिम्मेदारी सौंपी है। इनमें हरनौत स्थित नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन, विद्यालय के प्रधानाचार्य, शारीरिक शिक्षा के शिक्षक और जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग शामिल हैं। सभी को प्रतियोगिता के सफल संचालन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि अंतिम पंक्ति तक का खिलाड़ी इसमें भाग ले सके। चयनित खिलाड़ी आगे चलकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर की बड़ी प्रतियोगिताओं में अपने जिले का नाम रोशन कर सकते हैं। यह आयोजन दिव्यांग युवाओं को समाज की मुख्यधारा के साथ जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। खेल के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी छिपी हुई प्रतिभा को विश्व मंच पर प्रदर्शित करने की प्रेरणा मिलेगी। प्रतियोगिता में सभी मानकों का पालन करते हुए पारदर्शी तरीके से खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा ताकि उत्कृष्ट खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिले।