यश कुमार चौहान डोप परीक्षण में विफल
भारतीय कुराश खिलाड़ी यश कुमार चौहान 2026 एशियाई खेलों के दौरान आयोजित डोप परीक्षण में विफल हो गए हैं। एशियाई ओलंपिक परिषद ने तीन अक्टूबर को पुष्टि की है कि 27 सितंबर को लिए गए उनके नमूने में तीन अलग-अलग प्रतिबंधित पदार्थों के अंश पाए गए हैं। इन पदार्थों में मेंटेंडिएनोन मेटाबोलाइट्स, जीडब्ल्यू1516 मेटाबोलाइट्स और मेफेंटरमाइन शामिल हैं। इन नतीजों के सामने आने के बाद 24 वर्षीय एथलीट को तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर की गई इस कार्रवाई के कारण अब चौहान किसी भी तरह की प्रतियोगिता, ट्रेनिंग या कोचिंग गतिविधि में भाग नहीं ले पाएंगे। यह घटना नागोया में चल रहे एशियाई खेलों के दौरान हुई है, जहां कुराश स्पर्धाओं का आयोजन 26 से 29 सितंबर के बीच किया गया था। इस मामले ने खेल जगत में हलचल मचा दी है और भारतीय दल के लिए भी इसे एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
प्रतिबंधित पदार्थों का विवरण और निलंबन
यश कुमार चौहान के नमूनों में पाए गए पदार्थ खेल की दुनिया में पूरी तरह वर्जित हैं। विश्व डोपिंग रोधक एजेंसी की सूची के अनुसार, मेटेंडिएनोन एक शक्तिशाली एनाबोलिक एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड है जो शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाकर मांसपेशियों का आकार और ताकत बढ़ाता है। वहीं, जीडब्ल्यू1516 का इस्तेमाल एथलीटों की सहनशक्ति में सुधार के लिए किया जाता है, जबकि मेफेंटरमाइन केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव डालकर थकान कम करने और सतर्कता बढ़ाने का कार्य करता है। इन सभी पदार्थों का उपयोग प्रतियोगिता के दौरान और बाहर भी वाडा संहिता के अंतर्गत प्रतिबंधित है। आधिकारिक बयान के अनुसार, खिलाड़ी को इन नतीजों की जानकारी दे दी गई है और उन पर सभी प्रकार की खेल गतिविधियों में भाग लेने पर रोक लगा दी गई है। यह नियम स्पष्ट है कि ऐसे अनिर्दिष्ट पदार्थों का सेवन करने वाले एथलीट को कड़े अनुशासनात्मक दायरे में रखा जाता है। चौहान के पास अब इस निलंबन के खिलाफ खेल पंचाट के डोपिंग निरोधक प्रभाग में अपील करने का कानूनी विकल्प उपलब्ध है।
खेल करियर पर असर और आगे की राह
यश कुमार चौहान ने एशियाई खेलों की 90 किलोग्राम वर्ग की स्पर्धा में भाग लिया था, जहां वह अंतिम 16 के चरण में ताजिकिस्तान के मिरमामादोव शकरमामाद से हार गए थे। इस पूरे मामले में खिलाड़ी के पास अभी भी अपनी सफाई पेश करने के लिए बी नमूने की जांच का अनुरोध करने का पूर्ण अधिकार सुरक्षित है। भारतीय दल के लिए कुराश में अब तक एकमात्र पदक 78 किलोग्राम वर्ग में पिंकी बलहारा ने कांस्य के रूप में जीता है। चौहान का यह डोप मामला खेल की प्रतिष्ठा और एथलीटों के अनुशासन पर सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में खेल पंचाट का फैसला और खिलाड़ी द्वारा बी सैंपल के लिए किया गया अनुरोध यह तय करेगा कि उनके करियर का भविष्य क्या होगा। फिलहाल उनके निलंबन का प्रभाव यह है कि वह खेल के किसी भी परिसर में प्रवेश करने या प्रशिक्षण में शामिल होने की अनुमति नहीं रखते हैं। नागोया में चल रही इन स्पर्धाओं के दौरान यह घटना भारतीय खिलाड़ियों के लिए एक गंभीर सबक बनकर उभरी है, जिससे भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए अनुशासन बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है।