लखनपुर में ब्लॉक स्तरीय समापन समारोह
शनिवार को छत्तीसगढ़ के लखनपुर स्थित पीएम विद्यालय परिसर में ब्लॉक स्तरीय सरगुजा ओलंपिक 2026 के अंतिम दिन भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन के समापन अवसर पर राज्य के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में विशेष रूप से शामिल हुए। उनके साथ कार्यक्रम में लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रमोद मिंज ने भी विशिष्ट अतिथि के तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस खेल प्रतियोगिता के आखिरी दिन विभिन्न ग्रामीण अंचलों से आए हुए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने अपनी शारीरिक दक्षता और खेल कौशल का अद्भुत प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन के दौरान खेल के मैदान पर प्रतिभागियों का उत्साह, उनका जोश और मुकाबला जीतने का जज्बा देखते ही बनता था। दूरदराज के गांवों से पहुंचे इन खिलाड़ियों की सक्रिय सहभागिता ने इस पूरे आयोजन को बेहद खास और ऊर्जावान बना दिया। मंत्री राजेश अग्रवाल ने समापन समारोह में पहुंचकर सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके बेहतरीन प्रदर्शन की खुलकर प्रशंसा की।
मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा संबोधन
समारोह को संबोधित करते हुए पर्यटन और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरगुजा की भौगोलिक भूमि खेल प्रतिभाओं के मामले में बेहद समृद्ध है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में हुनरमंद खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है, बल्कि उन्हें केवल उचित अवसरों और प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है। उनके अनुसार सरगुजा ओलंपिक केवल एक सामान्य खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण युवाओं की क्षमताओं को मंच प्रदान करने का माध्यम है। मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के भीतर खेल संस्कृति को लगातार मजबूत किया जा रहा है और खेलो इंडिया तथा फिट इंडिया जैसे अभियान जागरूकता फैला रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भी खेल सुविधाओं के विकास और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मंत्री ने खिलाड़ियों को याद दिलाया कि खेलकूद जीवन में अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और नेतृत्व जैसे जरूरी गुण सिखाते हैं। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और खेल प्रशिक्षकों से भी अपील की कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलों में भी भाग लेने के लिए प्रेरित करें।
ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने का अवसर
सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें एक नई पहचान देना है। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे मंच युवाओं के भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना का विकास करते हैं। मंत्री राजेश अग्रवाल ने विश्वास जताया कि यदि यहां के खिलाड़ी दृढ़ संकल्प और नियमित अभ्यास के रास्ते पर चलेंगे, तो वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतियोगिता में केवल विजेता बनना ही बड़ी बात नहीं होती, बल्कि पूरे समर्पण और सच्ची खेल भावना के साथ मैदान में उतरना भी एक बड़ी उपलब्धि है। जो खिलाड़ी इस बार जीत हासिल नहीं कर पाए, उन्हें निराश होने के बजाय अपनी कमियों को सुधारकर और अधिक मेहनत करने की सलाह दी गई। इस सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया कि उचित प्रोत्साहन मिलने पर ग्रामीण युवा प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, प्रशिक्षुओं और खेल प्रेमियों की मौजूदगी में सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।