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खेल

जो खेलेगा वो खिलेगा: नेशनल स्पोर्ट्स डे पर पीएम मोदी का एथलीटों संग खेलो इंडिया संवाद

नेशनल स्पोर्ट्स डे के खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के दिग्गज एथलीटों और खिलाड़ियों के साथ खास संवाद किया है। 'मन की बात' के तर्ज पर हुए इस खेलो इंडिया संवाद में पीएम मोदी ने 'जो खेलेगा, वो खिलेगा' का मंत्र देते हुए खेल जगत की कई महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा की और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।

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Ankit Yadav
27 अग 2026, 18:47
जो खेलेगा वो खिलेगा: नेशनल स्पोर्ट्स डे पर पीएम मोदी का एथलीटों संग खेलो इंडिया संवाद
राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर देश भर में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एथलीटों और खेल प्रेमियों के साथ एक बेहद प्रेरणादायक संवाद किया। खेलो इंडिया संवाद के दौरान पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि खेलकूद न केवल शारीरिक विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि यह देश के युवाओं में अनुशासन और आगे बढ़ने की असीम ऊर्जा भी भरता है। उन्होंने अपने इस संबोधन के दौरान 'जो खेलेगा, वो खिलेगा' का लोकप्रिय संदेश भी साझा किया, जिसने देश के कोने-कोने के खिलाड़ियों का ध्यान आकर्षित किया है।

लखनऊ सहित पूरे देश में दिखा उत्साह

खेल दिवस के इस पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत देश के विभिन्न हिस्सों में विशेष खेल आयोजनों और संवाद सत्रों का माहौल देखने को मिला। लखनऊ के स्थानीय खेल मैदानों और अकादमियों में युवाओं ने इस संवाद को लेकर भारी उत्साह दिखाया। खेल प्रेमियों और उभरते हुए एथलीटों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह संवाद जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को और अधिक मजबूत करने का काम करेगा। देश में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए इस बात पर बल दिया गया कि कैसे छोटे शहरों से निकलकर युवा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। खेलो इंडिया इनीशिएटिव ने पिछले कुछ वर्षों में देश के खेल परिदृश्य को पूरी तरह से बदलने का काम किया है। इस संवाद के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी सफलता और संघर्ष की कहानियों को साझा करने का बेहतरीन मंच मिला है। प्रधानमंत्री ने एथलीटों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत वैश्विक खेल मानचित्र पर एक मजबूत शक्ति के रूप में उभर रहा है। चाहे वह ओलंपिक हो या अन्य कोई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता, हमारे खिलाड़ी हर जगह बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं और तिरंगे की शान को बढ़ा रहे हैं। इस प्रकार के संवाद सत्रों से खिलाड़ियों का मनोबल कई गुना बढ़ जाता है और उन्हें अपने लक्ष्यों के प्रति और अधिक समर्पित होने की प्रेरणा मिलती है।

भविष्य की खेल नीतियों और बुनियादी ढांचे पर जोर

आने वाले समय में देश के खेल बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। खेलो इंडिया संवाद के जरिए यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि सरकार देश के हर कोने में विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से लखनऊ और अन्य टियर-2 तथा टियर-3 शहरों में खेल अकादमियों और कोचिंग सेंटरों का विकास तेजी से किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रतिभाशाली युवा को संसाधनों के अभाव का सामना न करना पड़े। इस विशेष संवाद के समापन पर देश भर के खेल संघों, प्रशिक्षकों और एथलीटों ने संकल्प लिया कि वे खेल के क्षेत्र में भारत को और ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास करेंगे। नेशनल स्पोर्ट्स डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन आने वाले वर्षों में भारतीय खेलों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। उम्मीद की जा रही है कि 'जो खेलेगा, वो खिलेगा' का यह मंत्र आने वाली पीढ़ियों को खेलों से जुड़ने और देश का नाम रोशन करने के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
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