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खेल महाकुंभ: समौड़ स्कूल में अंडर-14 छात्रा खेलकूद प्रतियोगिता का हुआ शानदार आगाज
हिमाचल प्रदेश के समौड़ स्कूल में अंडर-14 छात्रा खेलकूद प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ हो गया है, जिसमें विभिन्न स्कूलों की बालिकाएं बढ़-चढ़कर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।
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Ankit Yadav
15 सित 2026, 16:52
हिमाचल प्रदेश के खेलप्रेमियों के लिए एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आ रही है, जहां ग्रामीण और शहरी इलाकों के बीच खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजनों का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में समौड़ स्थित शिक्षण संस्थान के परिसर में अंडर-14 वर्ग की छात्राओं के लिए विशेष खेलकूद प्रतियोगिताओं का भव्य स्तर पर श्रीगणेश किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य कम उम्र के बच्चों में शारीरिक फिटनेस के प्रति जागरूकता पैदा करना और उनमें खेल भावना को मजबूत करना है। उद्घाटन समारोह के दौरान स्थानीय शिक्षा विभाग के अधिकारियों, स्कूल के प्रधानाचार्य, शिक्षकों और आसपास के क्षेत्रों से आए गणमान्य लोगों ने शिरकत कर नन्हीं खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। प्रतियोगिता के पहले दिन विभिन्न खेल विधाओं में भाग लेने के लिए पहुंची बालिकाओं के चेहरे पर गजब का उत्साह और उमंग देखने को मिली।
खेलकूद से होता है बच्चों का सर्वांगीण विकास
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूली स्तर पर इस तरह के खेल आयोजनों के माध्यम से बच्चों को अपनी छिपी हुई कला और प्रतिभा को बड़े मंच पर दिखाने का बेहतरीन अवसर मिलता है। उद्घाटन सत्र के अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज के समय में केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है, बल्कि खेलकूद जैसी गतिविधियां छात्र-छात्राओं के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि अंडर-14 आयु वर्ग के दौरान ही बच्चों में अनुशासन, टीम वर्क और नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण गुणों का विकास होना शुरू हो जाता है, जो भविष्य में उनके जीवन के हर क्षेत्र में मददगार साबित होते हैं। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए स्कूल प्रबंधन समिति और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों ने पिछले कई दिनों से कड़ी मेहनत और तैयारियां की थीं, जिसका परिणाम आज मैदान पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।
प्रतियोगिता के दौरान कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स और अन्य पारंपरिक खेलों के मुकाबले खेले जाने की रूपरेखा तैयार की गई है, जिसमें भाग लेने वाली टीमें अपनी पूरी क्षमता के साथ मैदान पर उतरेंगी। हर एक मैच को लेकर छात्राओं में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा और जीतने की ललक साफ तौर पर महसूस की जा सकती है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में अभिभावक और खेल प्रेमी अपनी बेटियों का समर्थन करने के लिए स्कूल परिसर में पहुंचे हैं। इस तरह के आयोजनों से न केवल ग्रामीण अंचल की खेल प्रतिभाओं को निखारने का मौका मिलता है, बल्कि आने वाले समय में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन खिलाड़ी तैयार होने की राह भी आसान होती है। खेल आयोजनों के सुचारू संचालन के लिए रेफरी और निर्णायक मंडल की समितियों का गठन भी पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है ताकि सभी मैच निष्पक्षता से संपन्न हो सकें।
आने वाले दिनों में इन सभी मुकाबलों के फाइनल मैच खेले जाएंगे और विजेता रहने वाली टीमों तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली व्यक्तिगत खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। स्थानीय लोगों और आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजनों से युवाओं में नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है और वे अपना ध्यान सकारात्मक गतिविधियों की ओर केंद्रित करते हैं। समौड़ स्कूल में चल रही इस प्रतियोगिता का समापन समारोह भी काफी आकर्षक होने की उम्मीद है, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में कई दिग्गज हस्तियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। कुल मिलाकर यह आयोजन क्षेत्र के खेल इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित हो रहा है, जहां नन्हीं बालिकाओं की प्रतिभा को सही दिशा और एक बड़ा मंच प्राप्त हो रहा है।