न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबलों का पूरा शेड्यूल
अक्टूबर के महीने से लेकर साल के आखिरी महीने दिसंबर तक भारतीय टीम को कुल बारह अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने हैं। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड की ओर से जारी किए गए आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार इस दौरे का आगाज двадцать अक्टूबर से होगा और इसका समापन एक दिसंबर को किया जाएगा। इस लंबे विदेशी दौरे के दौरान भारतीय खिलाड़ियों को तीनों प्रमुख प्रारूपों यानी टी ट्वेंटी अंतरराष्ट्रीय, वनडे और टेस्ट मैचों में अपनी क्षमता साबित करनी होगी। दौरे की शुरुआत सबसे पहले पांच मैचों की टी ट्वेंटी श्रृंखला के साथ होगी। इसके तुरंत बाद दोनों पक्ष पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में आमने-सामने होंगे और अंत में दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला खेली जाएगी। विदेशी मैदानों की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और मौसम के मिजाज को देखते हुए भारतीय टीम के खिलाड़ियों को अपनी रणनीति में आवश्यक बदलाव करने पड़ सकते हैं। पिच पर मिलने वाली अतिरिक्त उछाल और तेज गेंदबाजों को मिलने वाली मदद भारतीय बल्लेबाजों के सामने बड़ी चुनौती पेश कर सकती है हालांकि मैदान पर उतरने के बाद ही वास्तविक परिस्थितियों का सही आकलन हो सकेगा।
टी ट्वेंटी और वनडे मुकाबलों के आयोजन स्थल
बीस से अधिक मुकाबलों वाले इस विस्तृत कार्यक्रम की शुरुआत पांच मैचों की टी ट्वेंटी श्रृंखला से होगी जो बाईस अक्टूबर से एक नवंबर तक खेली जाएगी। इस छोटी फॉर्मेट श्रृंखला के शुरुआती दो मुकाबले क्राइस्टचर्च शहर में आयोजित किए जाएंगे जिसके बाद दोनों दल वेलिंगटन, ऑकलैंड और हैमिल्टन की यात्रा करेंगे। टी ट्वेंटी मैचों का यह दौर समाप्त होने के बाद दोनों टीमें पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के लिए मैदान पर उतरेंगी। यह पचास ओवरों की श्रृंखला चार नवंबर से पंद्रह नवंबर के बीच खेली जाएगी। एकदिवसीय मुकाबलों के शुरुआती तीन मैच ऑकलैंड, वेलिंगटन और हैमिल्टन के मैदानों पर संपन्न होंगे। श्रृंखला के अंतिम दो मुकाबले माउंट माउंगानुई के प्रसिद्ध बे ओवल मैदान पर खेले जाएंगे। आगामी सत्र के इन सभी मुकाबलों के दौरान मेहमान खिलाड़ियों को स्थानीय जलवायु और पिच के बर्ताव से तालमेल बिठाना होगा। भारतीय खेमे की नजरें इन सभी मैचों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने पर टिकी रहेंगी।
टेस्ट श्रृंखला और विश्व कप की महत्वपूर्ण तैयारियां
दौरे का अंतिम और सबसे निर्णायक चरण दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला के साथ संपन्न होगा जो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र का अहम हिस्सा है। इस लाल गेंद के मुकाबले का पहला टेस्ट मैच उन्नीस से तेईस नवंबर के बीच वेलिंगटन के ऐतिहासिक बेसिन रिजर्व मैदान पर खेला जाएगा। इसके बाद इस श्रृंखला का दूसरा और अंतिम मुकाबला सत्ताईस नवंबर से एक दिसंबर तक क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल मैदान पर आयोजित किया जाएगा। यह पूरी टेस्ट श्रृंखला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप दो हजार पच्चीस से सत्ताईस के तहत खेली जा रही है जिससे इसका महत्व काफी बढ़ जाता है। दूसरी तरफ चार नवंबर से शुरू होने वाली पांच मैचों की वनडे श्रृंखला आगामी दो हजार सत्ताचिस के विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस प्रकार अक्टूबर से दिसंबर तक का यह पूरा समय भारतीय क्रिकेट टीम के लिए विभिन्न प्रारूपों में अपनी तैयारियों को परखने का एक बेहतरीन मौका साबित होगा जहां खिलाड़ियों को अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म हासिल करने का अवसर मिलेगा।