वाराणसी में नए स्टेडियम का निर्माण
उत्तर प्रदेश के खेल प्रेमियों के लिए एक नया और बड़ा मैदान बनकर पूरी तरह से तैयार हो चुका है। अब तक बड़े मुकाबलों के आयोजन के लिए मुख्य रूप से कानपुर का ऐतिहासिक ग्रीनपार्क और लखनऊ का इकाना स्टेडियम ही प्रमुख केंद्र रहे हैं। लेकिन आने वाले समय में वाराणसी का नया स्टेडियम भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मुकाबलों का एक नया गवाह बनेगा। बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बुधवार को कानपुर में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की इक्कीसवीं वार्षिक आमसभा के दौरान इस बात की आधिकारिक जानकारी दी है। इस नए मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के अलावा घरेलू क्रिकेट और महिला क्रिकेट के मुकाबले भी कराए जाने की पूरी योजना तैयार की जा रही है। उद्घाटन की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद यहां मैचों के आयोजन का विस्तृत खाका सामने आएगा। इसके निर्माण से पूर्वांचल के युवा खिलाड़ियों को अपने ही राज्य में खेलने का बड़ा मंच मिलेगा।
ग्रीनपार्क का कायाकल्प और कानपुर के अन्य विकल्प
कानपुर के ऐतिहासिक ग्रीनपार्क स्टेडियम की अहमियत को बनाए रखते हुए इसके आधुनिकीकरण पर पूरा फोकस किया जा रहा है। टेस्ट क्रिकेट के मुकाबलों के लिए ग्रीनपार्क को ही पहली पसंद के रूप में प्राथमिकता दी जाएगी। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष निधिपत सिंहानिया ने बताया कि स्टेडियम में जलभराव, फ्लड लाइट और दर्शक क्षमता जैसी तमाम पुरानी समस्याओं को पूरी तरह से दूर किया जाएगा। इस कायाकल्प के कार्य में उत्तर प्रदेश सरकार भी एसोसिएशन को पूरा सहयोग दे रही है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच बेहतर माहौल में हो सकें। इसके अलावा कानपुर में क्रिकेट के लिए एक और नया विकल्प छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के परिसर में तैयार किया गया है। कमला क्लब के साथ एसोसिएशन की लीज अवधि समाप्त हो चुकी है जिसके चलते इस विश्वविद्यालय के नए स्टेडियम में भविष्य के मैच कराए जाने की प्रबल संभावनाएं हैं और इसके लिए औपचारिक प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है।
टी-20 लीग और भविष्य की खेल योजनाएं
वार्षिक आमसभा के दौरान उत्तर प्रदेश टी-20 लीग के संचालन को लेकर भी बहुत महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। डॉ. संजय कपूर को एक बार फिर से इस टी-20 लीग का चेयरमैन नियुक्त किया गया है जबकि संजीव कुमार सिंह को गवर्निंग काउंसिल का नया सदस्य बनाया गया है। बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष के बजट समेत कई अन्य जरूरी प्रस्तावों पर भी आम सहमति से मुहर लगाई गई है। राज्य में क्रिकेट के खेल का दायरा बढ़ाने के लिए अब कई मैदानों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। लखनऊ का इकाना स्टेडियम बड़े मुकाबलों का मुख्य केंद्र बना रहेगा जबकि वाराणसी और भविष्य में गाजियाबाद जैसे शहरों में भी चौके और छक्कों की गूंज सुनाई देगी। इन तमाम नए बदलावों से सबसे बड़ा फायदा उत्तर प्रदेश के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को मिलेगा जिन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए अधिक से अधिक घरेलू मुकाबले खेलने के अवसर प्राप्त होंगे।