संयुक्त मेजबानी और टूर्नामेंट का पहला चरण
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने एक अक्टूबर को आगामी वनडे विश्व कप 2027 का पूरा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इस मेगा टूर्नामेंट की संयुक्त मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से संभालेंगे। टूर्नामेंट की औपचारिक शुरुआत दो अक्टूबर 2027 को होगी और इसका पहला मुकाबला विंडहोक में तीन टीमों की सुपर सीरीज के रूप में खेला जाएगा। इस सुपर सीरीज में क्वालीफायर एक, क्वालीफायर दो और क्वालीफायर तीन की टीमें हिस्सा लेंगी। विंडहोक में खेले जाने वाले इन शुरुआती मुकाबलों के बाद शीर्ष टीम मुख्य ग्रुप दौर में प्रवेश करेगी। दक्षिण अफ्रीका में आठ आयोजन स्थल निर्धारित किए गए हैं जबकि जिम्बाब्वे में तीन और नामीबिया में एक मैदान पर मैच खेले जाएंगे। दक्षिण अफ्रीका में चौबीस वर्षों के लंबे अंतराल के बाद वनडे विश्व कप की वापसी हो रही है क्योंकि इससे पहले वहां वर्ष 2003 में यह टूर्नामेंट आयोजित हुआ था। इस विश्व कप में कुल चौदह टीमें हिस्सा लेंगी और कुल सत्तावन मुकाबले खेले जाएंगे। सुपर सीरीज समाप्त होने के बाद मुख्य ग्रुप चरण में बारह टीमें बचेंगी जिनमें से प्रत्येक समूह में छह छह टीमें होंगी। ग्रुप चरण के दौरान कुल तीस मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। सुपर सीरीज के सभी मुकाबले विंडहोक शहर में ही संपन्न होंगे और इसके तीन मुकाबले दो, चार और छह अक्टूबर को खेले जाएंगे। बाकी दो टीमों का अभियान इसी चरण के साथ समाप्त हो जाएगा।
ग्रुप चरण और भारत के मुकाबले
मुख्य ग्रुप चरण की शुरुआत सात अक्टूबर से होगी जिसमें सभी चौदह प्रतिभागी अपनी दावेदारी पेश करेंगे। टूर्नामेंट के इस चरण में ग्रुप ए और ग्रुप बी बनाए गए हैं जिनमें छह छह टीमें शामिल हैं। ग्रुप ए में भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और क्वालीफायर ए की टीमें रखी गई हैं। ग्रुप बी में दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, श्रीलंका, बांग्लादेश और क्वालीफायर बी को जगह मिली है। भारत अपने अभियान की शुरुआत सात अक्टूबर को केप टाउन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जाने वाले मैच से करेगा। इसके बाद भारतीय टीम का सामना दस अक्टूबर को जोहान्सबर्ग में पाकिस्तान के साथ होगा। भारत अपना तीसरा मुकाबला चौदह अक्टूबर को त्शवाने में अफगानिस्तान के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद सत्रह अक्टूबर को भारतीय टीम ब्लोमफोंटेन में क्वालीफायर ए से भिड़ेगी। भारत का आखिरी ग्रुप मुकाबला चौबीस अक्टूबर को जिम्बाब्वे के खिलाफ विक्टोरिया फॉल्स में आयोजित होगा। इस तरह भारत को ग्रुप ए में कुल पांच मुकाबले खेलने हैं जिनके परिणाम अगले चरण में प्रवेश तय करेंगे। अन्य मुकाबलों में आठ अक्टूबर को पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच त्शवाने में मैच होगा। उसी दिन इंग्लैंड और बांग्लादेश का मुकाबला विंडहोक में खेला जाएगा। नौ अक्टूबर को जिम्बाब्वे और क्वालीफायर ए की टीमें बुलावायो में आमने-सामने होंगी। दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड का मुकाबला भी नौ अक्टूबर को केप टाउन में ही खेला जाएगा।
सुपर सात चरण और खिताबी मुकाबला
ग्रुप चरण समाप्त होने के बाद अगले दिन से सुपर सात दौर की रोमांचक शुरुआत होगी। दोनों ग्रुपों की शीर्ष तीन टीमें और चौथे स्थान की सबसे बेहतर टीम इस अगले चरण में पहुंचेगी। इन सात टीमों के बीच सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए कड़े मुकाबले खेले जाएंगे। सुपर सात चरण के बाद टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबलों की शुरुआत होगी। पहला सेमीफाइनल सत्रह अक्टूबर को केप टाउन में खेला जाएगा जबकि दूसरा सेमीफाइनल अठारह अक्टूबर को त्शवाने में आयोजित होगा। दोनों सेमीफाइनल मुकाबलों की विजेता टीमें इक्कीस नवंबर को जोहान्सबर्ग के ऐतिहासिक वांडरर्स स्टेडियम में फाइनल मैच खेलेंगी। इस विश्व कप के तीनों नॉकआउट मुकाबलों के लिए एक एक रिजर्व दिन भी निर्धारित किया गया है। फाइनल मुकाबले का रिजर्व दिन बाईस नवंबर को रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर मैच उस दिन आगे बढ़ाया जा सके। ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबले चौबीस अक्टूबर को खेले जाएंगे और उसके ठीक अगले दिन से सुपर सात दौर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। कार्यक्रम में सभी संभावित विरोधी पूर्वनिर्धारित सीडिंग के आधार पर तय किए गए हैं। भारत को ए एक और ऑस्ट्रेलिया को ए दो स्थान पर रखा गया है जबकि पाकिस्तान का स्थान ए तीन निर्धारित है। न्यूजीलैंड को बी एक, दक्षिण अफ्रीका को बी दो और श्रीलंका को बी तीन स्थान मिला है।