पांचवें दिन के मुकाबलों में इन सितारों पर रहेंगी निगाहें खेल प्रतियोगिताओं के पांचवें दिन भारतीय दल के कई दिग्गज खिलाड़ी पदक के लिए अपनी किस्मत आजमाएंगे, जिनमें मीराबाई चानु और मनु भाकर जैसे बड़े नाम शामिल हैं। खेल महाकुंभ के इस चरण में दर्शकों को अपने चहेते एथलीटों से शानदार प्रदर्शन की पूरी उम्मीद है। आयोजन समिति द्वारा जारी किए गए आगामी 23 सितंबर के पूरे शेड्यूल के अनुसार, कई स्पर्धाएं सुबह से ही शुरू हो जाएंगी जिनमें भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी से मुकाबला बेहद रोमांचक होने की संभावना है। भारोत्तोलन से लेकर निशानेबाजी तक विभिन्न विधाओं में देश के ये सितारे पोडियम पर फिनिश करने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों के परिणामों से प्रेरणा लेते हुए ये सभी प्रतियोगी अपनी ट्रेनिंग और अनुभव के दम पर मैट और रेंज पर उतरेंगे।
तैयारियों और कड़े अभ्यास की पृष्ठभूमि में उतरी हैं भारतीय हस्तियां इस प्रकार के अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय महामुकाबलों के पीछे खिलाड़ियों का वर्षों का कड़ा अभ्यास, कठोर अनुशासन और खेल विज्ञान का अहम योगदान होता है। किसी भी बड़े टूर्नामेंट में उतरने से पहले एथलीट अपनी शारीरिक और मानसिक फिटनेस को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखने के लिए कैंपों में पसीना बहाते हैं। खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण और संबंधित राष्ट्रीय महासंघ इन खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ताकि वे वैश्विक मंच पर देश का नाम रोशन कर सकें। दबाव की इन परिस्थितियों में अनुभवी कोचों की देखरेख में रणनीतिक तैयारियां की जाती हैं ताकि खेल के दिन किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। मीराबाई और मनु जैसी शीर्ष एथलीटों ने इससे पहले भी कई कठिन प्रतियोगिताओं में अपनी उत्कृष्ट क्षमता का परिचय दिया है और वे इस बार भी उसी आत्मबल के साथ मैदान संभाल रही हैं।
पदक तालिका में फेरबदल की संभावना और आगे की दिशा इन स्पर्धाओं के परिणाम आने वाले दिनों में देश की पदक तालिका की स्थिति को पूरी तरह से बदल सकते हैं और खेलों के प्रति युवाओं का रुझान भी और अधिक बढ़ा सकते हैं। जब भी भारत के शीर्ष एथलीट किसी बड़े मंच पर पदक जीतते हैं, तो देश भर के युवा खेलों को एक करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं। इस आयोजन का सीधा प्रसारण देखने के लिए करोड़ों खेल प्रेमी टीवी और डिजिटल प्लेटफार्मों पर नजरें गड़ाए बैठे हैं, जिससे खिलाड़ियों का मनोबल भी काफी ऊंचा रहता है। खेल विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये सितारे अपने सामान्य फॉर्म से भी बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहे, तो तालिका में भारत की स्थिति और अधिक मजबूत हो जाएगी। प्रतियोगिता के समापन के बाद इन सभी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य की अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए एक बेहतर रोडमैप तैयार किया जा सके।