अंतरराष्ट्रीय इवेंट एंबेसडर के रूप में दिल्ली आगमन और नई खेल योजनाएं
रियो 2016 और टोक्यो 2020 के ओलंपिक खेलों में चार सौ मीटर की स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम करने वाली प्रसिद्ध एथलीट शौने मिलर-उइबो ने गुरुवार पंद्रह अक्टूबर को अपनी आगामी तैयारियों की जानकारी साझा की। वह आगामी वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन दो हजार छब्बीस के अंतरराष्ट्रीय इवेंट एंबेसडर के रूप में राष्ट्रीय राजधानी पहुंची हुई हैं। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय खेल प्रेमियों और धावकों से मुलाकात की तथा अपने अनुभव बताए। अपने शानदार खेल सफर के दौरान उन्होंने दो हजार बाईस की यूजीन विश्व चैंपियनशिप में भी सर्वोच्च स्थान हासिल किया था। अब उनका मुख्य ध्यान चार सौ मीटर की अपनी पसंदीदा स्पर्धा में एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम करने पर केंद्रित हो चुका है। उनका मानना है कि महिलाओं ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान इस दूरी को अड़तालीस सेकंड से भी कम समय में पूरा करके दिखाया है और वह खुद भी इस कठिन चुनौती को सफलतापूर्वक पार करने का पूरा सामर्थ्य रखती हैं। अगर प्रतियोगी लगातार एक-दूसरे के आमने-सामने दौड़ते रहें तो यह प्रयास सभी को अपने लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेगा।
मातृत्व के बाद ट्रैक पर शानदार वापसी और ओलंपिक के दो बड़े विकल्प
शौने मिलर-उइबो ने पारिवारिक जिम्मेदारियों को संभालते हुए खेल मैदान पर जोरदार वापसी की है। उन्होंने वर्ष दो हजार तेरह में अपने बेटे को और वर्ष दो हजार पच्चीस में अपनी बेटी को जन्म दिया था। इसके बाद उन्होंने बहामास की राजधानी नासाउ में अपने पिता के मार्गदर्शन में कड़ा अभ्यास करके अपनी खोई हुई रफ्तार को दोबारा हासिल किया। इस पूरी वापसी की प्रक्रिया में उन्हें काफी धैर्य रखना पड़ा क्योंकि वह शुरुआत में वहीं से दौड़ना चाहती थीं जहां उन्होंने खेल छोड़ा था। बच्चों के आगमन ने उनके जीवन और खेल को एक पूरी तरह से नया उद्देश्य प्रदान किया है, जिससे वह अपनी संतान को प्रेरित करना चाहती हैं। आने वाले दो हजार अट्ठाईस के लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों को लेकर उनके सामने दो बड़े विकल्प मौजूद हैं। वह या तो दो सौ मीटर की दौड़ में पदक जीतने के अपने पुराने सपने को पूरा कर सकती हैं या फिर चार सौ मीटर स्पर्धा में लगातार तीसरा ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतकर एक नया इतिहास रच सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह ओलंपिक में केवल एक ही स्पर्धा में हिस्सा लेंगी और दोनों संभावनाओं पर विचार करने के बाद ही अपना अंतिम निर्णय लेंगी।
दिल्ली हाफ मैराथन का आयोजन और भारतीय एथलीटों के लिए प्रेरक संदेश
भारत की अपनी इस पहली यात्रा के दौरान शौने मिलर-उइबो ने आगामी मैराथन प्रतियोगिता में महिलाओं की बड़ी भागीदारी पर अपनी गहरी प्रसन्नता व्यक्त की। आगामी अट्ठारह अक्टूबर दो हजार छब्बीस को आयोजित होने वाली इस प्रसिद्ध दौड़ के इक्कीसवें संस्करण की शुरुआत नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से की जाएगी। इस बड़े खेल आयोजन में इकतालीस हजार से अधिक धावकों के शामिल होने की पूरी उम्मीद है। पुरुष वर्ग में हरमनजोत सिंह और किरण मात्रे तथा महिला वर्ग में लिली दास और कविता यादव जैसे प्रमुख एलीट धावक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। लंबी दूरी की दौड़ में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की मानसिक मजबूती की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे धावक अपनी सीमाओं को पार करने का निरंतर प्रयास करते हैं। अपने करियर के समापन के बाद भविष्य में मैराथन दौड़ में भाग लेना उनकी दीर्घकालीन योजनाओं का हिस्सा है। भारतीय खिलाड़ियों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि चोटें और असफलताएं खेल का अनिवार्य हिस्सा होती हैं, इसलिए कठिनाइयों से घबराए बिना लगातार कड़ी मेहनत करें और अपनी ट्रेनिंग पर पूरा भरोसा बनाए रखें।