राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चौदह खिलाड़ियों का चयन
राजधानी दिल्ली की मेजबानी में होने वाली राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के अंतर्गत रग्बी स्पर्धा के लिए खिलाड़ियों की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है। उपलब्ध आधिकारिक सूची के अनुसार इस बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों में कुमारी संजना, प्रतिमा, छनेंद्री और बबीता यादव शामिल हैं। इनके अलावा दीक्षा, यानवी तथा अनीता पोड़ियामी का नाम भी इस चयन सूची में दर्ज किया गया है। लड़कों के वर्ग में उमेश कुमार, तरुण कुमार और पवन कुमार को इस दल में जगह मिली है। साथ ही शंभूनाथ, करण देव, राजेश कुमार ठाकुर और चित्रांश बघेल भी इस राष्ट्रीय दल का हिस्सा बनाए गए हैं। एक ही स्कूल के इतने सारे बच्चों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना अपने आप में एक बड़ा उदाहरण है। इससे इस अंचल की स्कूली खेल प्रतिभाओं को बहुत बड़ा मंच मिल रहा है।
प्रशिक्षक मोहम्मद साहिबा को मिली छत्तीसगढ़ टीम की कमान
बस्तर क्षेत्र के लिए यह उपलब्धि केवल खिलाड़ियों के चयन तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें खेल प्रशिक्षण से जुड़ा एक और गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है। बस्तर क्षेत्र के खेल प्रशिक्षक मोहम्मद साहिबा को छत्तीसगढ़ राज्य की पूरी टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। वे इस राष्ट्रीय मंच पर सभी चयनित खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करेंगे और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। रग्बी फुटबॉल जैसे कड़े खेल में खिलाड़ियों को मैदान पर बहुत अधिक तेजी दिखाने की जरूरत होती है। इसके अलावा इस खेल में शरीर के दमखम, आपसी तालमेल और खेल के दौरान सही वक्त पर निर्णय लेने की कला का बहुत अधिक महत्व होता है। कोच की देखरेख में ये सभी खिलाड़ी इन सभी पैमानों पर अपनी तैयारी को मजबूत कर रहे हैं ताकि राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया जा सके।
दूसरे राज्यों की टीमों से मुकाबला करने का सुनहरा अवसर
देश के राष्ट्रीय स्तर के इस बड़े खेल आयोजन तक पहुंचने वाले इन सभी खिलाड़ियों को अब दूसरे राज्यों की मजबूत टीमों के साथ सीधे मुकाबले का मौका मिलेगा। विभिन्न प्रांतों के बेहतरीन खिलाड़ियों के सामने खेलने से इन बच्चों को अपनी खेल क्षमता का सही आकलन करने का अवसर प्राप्त होगा। इस तरह की उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धाएं खिलाड़ियों के लिए अपने खेल कौशल को और अधिक परखने तथा मैदान पर बहुमूल्य अनुभव हासिल करने का माध्यम बनती हैं। एक ही शैक्षणिक संस्थान से इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चुनकर जाना यह साबित करता है कि स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। इस पूरी सफलता के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और सभी लोग इन खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।