राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में देवेश की शानदार जीत उत्तराखंड के खेल पटल पर नैनीताल जिले का नाम एक बार फिर से रोशन हुआ है क्योंकि हाल ही में आयोजित की गई राज्य स्तरीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता में देवेश ने अपनी उत्कृष्ट खेल शैली का लोहा मनवाते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में प्रदेश भर से आए हुए कई नामी खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था और सभी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। शुरुआती दौर के मैचों से ही देवेश ने अपने खेल में गजब का आक्रामक रुख और बेहतरीन तकनीक का परिचय दिया, जिसके सामने विरोधी खिलाड़ी टिक नहीं सके। फाइनल मुकाबले में उन्होंने अत्यधिक दबाव के बावजूद मानसिक दृढ़ता दिखाते हुए शानदार शॉट्स लगाए और अंततः विजेता का खिताब अपने नाम कर लिया। इस बड़ी सफलता के बाद उनके परिवार, मित्रों और स्थानीय खेल संघों की ओर से उन्हें बधाइयों का तांता लगा हुआ है और हर कोई उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है।
कड़ी मेहनत और पसीने से संवारी गई खेल प्रतिभा किसी भी खिलाड़ी के लिए राज्य स्तर पर इस प्रकार की बड़ी सफलता हासिल करना रातों-रात संभव नहीं होता है, बल्कि इसके पीछे वर्षों का कड़ा अभ्यास, अनुशासन और त्याग छिपा होता है। देवेश ने इस प्रतियोगिता की तैयारी के लिए हर दिन घंटों तक टेबल टेनिस कोर्ट पर पसीना बहाया है और अपनी शारीरिक व मानसिक क्षमता को मजबूत किया है। नैनीताल जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में जहां आधुनिक खेल बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की अक्सर कुछ सीमाएं होती हैं, वहां इस तरह की सफलता प्राप्त करना यह साबित करता है कि सच्ची लगन और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी बाधा टिक नहीं सकती है। उनके कोच और परिजनों ने बताया कि उन्होंने हर मौसम और परिस्थिति में नियमित रूप से अभ्यास जारी रखा तथा अपनी कमियों को दूर करने के लिए लगातार तकनीकी सुधार किए। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करती हैं, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बड़े मंचों के लिए भी मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार करती हैं।
क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने विजेता देवेश की इस शानदार जीत से न केवल उनके व्यक्तिगत करियर में एक नया और सुनहरा अध्याय जुड़ा है, बल्कि इससे नैनीताल और आसपास के पूरे इलाके के उभरते हुए युवाओं में खेल के प्रति एक नया जोश भी पैदा हुआ है। स्थानीय स्तर पर खेल जानकारों का मानना है कि इस प्रकार की उपलब्धियां जब सामने आती हैं, तो क्षेत्र के छोटे बच्चे और युवा भी खेलों में आगे आने के लिए प्रेरित होते हैं। इस प्रतियोगिता के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन और स्थानीय खेल विभाग द्वारा इन उभरती हुई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए और अधिक बेहतर सुविधाएं तथा प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। देवेश अब इस जीत के बाद आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों में जुट गए हैं और उनका मुख्य लक्ष्य देश के लिए बड़े टूर्नामेंटों में पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन करना है। उनकी इस सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि सही दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएं, तो छोटे शहरों से भी देश के शीर्ष स्तर के खिलाड़ी आसानी से निकल सकते हैं।