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अंतरिक्ष में भारत का दबदबा: गगनयान मिशन-2 के लिए चालक दल का अंतिम चयन पूरा हुआ

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज गगनयान मिशन-2 के लिए चार सदस्यीय दल की घोषणा कर दी है।

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Kantap News डेस्क
06 अग 2026, 15:18
अंतरिक्ष में भारत का दबदबा: गगनयान मिशन-2 के लिए चालक दल का अंतिम चयन पूरा हुआ

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए बताया कि उनके महत्वाकांक्षी 'गगनयान मिशन-2' के लिए चार सदस्यीय दल को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में सुरक्षित भेजना और वापस लाना है। इस दल में भारतीय वायुसेना के दो विंग कमांडर और दो महिला वैज्ञानिक शामिल हैं, जो पिछले दो वर्षों से बेंगलुरु के अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण केंद्र में कठोर प्रशिक्षण से गुजर रहे थे। प्रधानमंत्री ने इस चयन को राष्ट्र के लिए गौरव का क्षण बताया है।

मिशन की चुनौतियां और तकनीकी तैयारी इस मिशन की जटिलता को देखते हुए इसरो ने अत्याधुनिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम और आपातकालीन एस्केप मॉड्यूल का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से लॉन्च होने वाले इस यान में इस बार बेहतर थर्मल शील्ड और उन्नत संचार प्रणाली लगाई गई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह मिशन न केवल भारत की अंतरिक्ष क्षमता को वैश्विक पटल पर मजबूती देगा, बल्कि भविष्य के चंद्रमा और मंगल अभियानों के लिए भी मार्ग प्रशस्त करेगा। तकनीकी टीम ने पिछले छह महीनों में तीन हजार से अधिक सिमुलेशन परीक्षण किए हैं ताकि किसी भी प्रकार की मानवीय चूक की संभावना को शून्य किया जा सके।

अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और उम्मीदें इस मिशन में नासा और यूरोपियन स्पेस एजेंसी के साथ डेटा साझा करने का समझौता भी हुआ है, जिससे भविष्य में वैश्विक सहयोग की नई संभावनाएं खुलेंगी। आज सुबह हुए आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसरो प्रमुख ने कहा कि अक्टूबर 2026 में संभावित लॉन्च के लिए काउंटडाउन शुरू हो चुका है। देश भर में इस खबर को लेकर उत्साह है और स्कूली छात्र भी इस उपलब्धि के गवाह बनने के लिए उत्सुक हैं। यह केवल एक तकनीकी मिशन नहीं बल्कि 1.4 अरब भारतीयों के सपनों की उड़ान है, जो भारतीय इंजीनियरिंग की ताकत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा।

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