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टेक्नोलॉजी

बड़ी उपलब्धि: डॉ. मनीष खंडेलवाल बने सब-5 नैनोमीटर सेमिकंडक्टर तकनीक के वरिष्ठ निदेशक

सेमिकंडक्टर तकनीक के क्षेत्र में एक बहुत ही महत्वपूर्ण विकास के तहत, डॉ. मनीष खंडेलवाल को सब-5 नैनोमीटर चिप निर्माण तकनीक का वरिष्ठ निदेशक नियुक्त किया गया है।

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Ankit Yadav
22 अग 2026, 11:51
बड़ी उपलब्धि: डॉ. मनीष खंडेलवाल बने सब-5 नैनोमीटर सेमिकंडक्टर तकनीक के वरिष्ठ निदेशक
वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में भारत की बढ़ती और मजबूत होती स्थिति के बीच एक अत्यंत उल्लेखनीय पेशेवर उपलब्धि सामने आई है। उद्योग जगत से प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों के अनुसार, जाने-माने विशेषज्ञ डॉ. मनीष खंडेलवाल को अत्यधिक उन्नत और जटिल मानी जाने वाली सब-5 नैनोमीटर सेमिकंडक्टर तकनीक के वरिष्ठ निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति न केवल उनके व्यक्तिगत करियर में एक बड़ा मुकाम है, बल्कि भारत और दुनिया भर के तकनीकी समुदाय के लिए भी गर्व का विषय है क्योंकि आधुनिक डिजिटल युग में नैनोमीटर स्तर की चिप्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।

सेमिकंडक्टर उद्योग और भविष्य की दिशा

आज के समय में जब पूरी दुनिया डिजिटल उपकरणों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमोटिव उद्योगों के लिए उन्नत प्रोसेसर पर निर्भर है, तब सब-5 नैनोमीटर तकनीक का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। इस अत्याधुनिक तकनीक के जरिए माइक्रोचिप्स को और अधिक शक्तिशाली, ऊर्जा-कुशल और सूक्ष्म बनाया जा सकता है। डॉ. मनीष खंडेलवाल की इस महत्वपूर्ण भूमिका में नियुक्ति से अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) गतिविधियों को और अधिक गति मिलने की पूरी उम्मीद है। उनके नेतृत्व में नई पीढ़ी के सेमीकंडक्टर डिज़ाइन और फैब्रिकेशन प्रक्रियाओं को नई ऊंचाइयां मिल सकती हैं, जिससे वैश्विक बाजार में नवाचार की गति तेज होगी।

विशेषज्ञता और तकनीकी प्रभाव

डॉ. खंडेलवाल का यह नया दायित्व ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए भारी निवेश और विशेषज्ञता की आवश्यकता महसूस की जा रही है। सब-5 नैनोमीटर जैसी बेहद सूक्ष्म तकनीकों पर काम करने के लिए अत्यधिक उच्च स्तर की वैज्ञानिक समझ और इंजीनियरिंग कौशल की जरूरत होती है। उनके सहकर्मियों और तकनीकी जानकारों का मानना है कि उनका लंबा अनुभव इस जटिल क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने और अत्याधुनिक समाधान विकसित करने में बेहद मददगार साबित होगा। इस पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही उन्हें देश-विदेश के तकनीकी दिग्गजों और संस्थानों से बधाइयां मिल रही हैं।

भविष्य की संभावनाएं और प्रतिक्रियाएं

इस विकास क्रम के बाद तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्रों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि उनके निर्देशन में होने वाले नए शोध आने वाले वर्षों में कंप्यूटिंग शक्ति, स्मार्टफोन निर्माण और डेटा सेंटर क्षमताओं को पूरी तरह से बदलकर रख देंगे। जैसे-जैसे सेमीकंडक्टर तकनीक और अधिक सूक्ष्म होती जाएगी, वैसे-वैसे ऊर्जा की खपत कम होगी और प्रोसेसिंग स्पीड में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा। डॉ. मनीष खंडेलवाल की इस शानदार उपलब्धि से देश के युवा वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को भी आधुनिक अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए भारी प्रेरणा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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