कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
EC के अफसर पर बिना चर्चा फैसले लेने का आरोप: RTI से खुलासा- दो चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सेक्रेटरी से शिकाय...      Bihar MLC Election 2026 Live: जन सुराज के प्रत्याशी आफाक अहमद पर FIR दर्ज, X पर पोस्ट कर शिक्षकों से वोट मांगना पड़ा भारी      गलवान जैसी हिमाकत के लिए अब 100 बार सोचेगा चीन? ड्रोन प्लाटून से बंकर तक; LAC पर भारत की क्या तैयारी?      तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत, सैकड़ों ज़ख़्मी      CJP के सौरव दास-आशुतोष रांका को क्राइम ब्रांच ने बुलाया, नोटिस में क्या लिखा?      गोल्डी ने कहा था- घर गिरा दो, वापस नहीं आऊंगा: लॉरेंस के साथ गैंगस्टर बना, अमेरिका को तलाश; पंजाब में घर खा...      Tiger Shroff की चोटों का वीडियो पहली बार आया सामने, फायरिंग के बाद दिखे शरीर पर निशान      कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
टेक्नोलॉजी

डिजिटल स्ट्राइक: साइबर अपराधियों पर नकेल, पांच महीने में ब्लॉक किए गए तीन लाख खतरनाक यूआरएल

देश में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत पिछले पांच महीनों के भीतर लगभग तीन लाख खतरनाक और फर्जी यूआरएल को ब्लॉक कर दिया गया है।

A
Ankit Yadav
23 अग 2026, 10:48
डिजिटल स्ट्राइक: साइबर अपराधियों पर नकेल, पांच महीने में ब्लॉक किए गए तीन लाख खतरनाक यूआरएल
आज के इस डिजिटल युग में जहां एक तरफ तकनीकी विकास तेजी से हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ साइबर ठगों और ऑनलाइन अपराधियों द्वारा भोले-भाले नागरिकों को निशाना बनाने के नए-नए तरीके भी इजाद किए जा रहे हैं। इन तमाम अवैध गतिविधियों और डिजिटल धोखाधड़ी पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियों ने मिलकर एक व्यापक और सख्त अभियान चलाया है। इसी कड़ी में पिछले पांच महीनों के भीतर देश भर में लगभग तीन लाख खतरनाक और संदिग्ध यूआरएल की पहचान करके उन्हें पूरी तरह से बंद या ब्लॉक कर दिया गया है ताकि आम जनता को वित्तीय नुकसान से बचाया जा सके।

साइबर सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई

संबंधित सरकारी विभागों और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उठाए गए इस कड़े कदम से साइबर अपराधियों के नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है। हाल के दिनों में ऑनलाइन ठगी, फर्जी निवेश योजनाओं, लॉटरी घोटालों और विभिन्न प्रकार के फिशिंग लिंक्स के जरिए लोगों को ठगने के मामलों में भारी उछाल देखने को मिला था। इन जालसाजों द्वारा भेजे जाने वाले मैलवेयर युक्त और भ्रामक यूआरएल के माध्यम से लोगों के बैंक खातों तक अवैध पहुंच बनाई जाती थी और उनकी गाढ़ी कमाई पलभर में साफ कर दी जाती थी। इस तरह के खतरों से निपटने के लिए ही खुफिया और तकनीकी तंत्र को पूरी तरह से सक्रिय किया गया था। इस विशेष अभियान के दौरान विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, सोशल मीडिया चैनल्स और संदिग्ध वेबसाइटों पर पैनी नजर रखी गई। तकनीकी विश्लेषकों और साइबर सेल के विशेषज्ञों ने मिलकर उन तमाम वेब लिंक्स को ट्रेस किया जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा था। जब इन यूआरएल की सत्यता संदिग्ध पाई गई या इनकी शिकायतें लगातार मिल रही थीं, तो त्वरित कार्रवाई करते हुए इन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। सरकार की इस डिजिटल स्ट्राइक का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को एक सुरक्षित इंटरनेट वातावरण प्रदान करना और साइबर धोखाधड़ी के नए रास्तों को पूरी तरह से बंद करना है। भविष्य में भी इस तरह के अभियानों को और अधिक आक्रामक तरीके से जारी रखने की पूरी योजना बनाई जा रही है ताकि डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल तकनीकी उपायों से ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों में जागरूकता पैदा करके भी साइबर अपराधों को काफी हद तक रोका जा सकता है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां लगातार यह अपील कर रही हैं कि लोग किसी भी अज्ञात या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और अपनी व्यक्तिगत तथा वित्तीय जानकारियां किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज