वैश्विक टेक कंपनी गूगल ने भारत में सर्च इंजन के नए युग की शुरुआत करते हुए अपना 'Search Generative Experience' (SGE) व्यापक रूप से रोलआउट कर दिया है। यह नया एआई-पावर्ड फीचर उपयोगकर्ताओं को जटिल सवालों के सीधे, संक्षिप्त और सटीक उत्तर प्रदान करता है। सबसे खास बात यह है कि इस प्रणाली को हिंदी, बंगाली, तमिल और तेलुगु जैसी प्रमुख भारतीय भाषाओं के लिए विशेष रूप से अनुकूलित किया गया है, जिससे गैर-अंग्रेजी भाषी उपयोगकर्ताओं के लिए इंटरनेट पर जानकारी खोजना बेहद आसान हो जाएगा।
गूगल के अनुसार, जब उपयोगकर्ता कोई सवाल टाइप करेंगे या आवाज द्वारा (Voice Search) पूछेंगे, तो एआई वेब पर मौजूद लाखों पेजों का विश्लेषण करके कुछ ही सेकंड में एक संक्षिप्त सारांश और उपयोगी लिंक्स तैयार कर देगा। यह फीचर विशेष रूप से कोडिंग, सरकारी योजनाओं की जानकारी, स्वास्थ्य संबंधी सामान्य परामर्श और जटिल तकनीकी विषयों को आसानी से समझने में उपयोगकर्ताओं की मदद करेगा। कंपनी ने डेटा सुरक्षा और भ्रामक जानकारी से बचाव के लिए कई स्तरों पर सेफ्टी फिल्टर्स भी लगाए हैं।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे विशाल और भाषाई रूप से विविध बाजार में एआई सर्च का आगमन इंटरनेट के उपयोग का तरीका पूरी तरह बदल देगा। इससे देश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा मिलेगा और लोग अपनी मातृभाषा में ही जटिल जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। गूगल लगातार भारतीय डेवलपर्स और टेक इकोसिस्टम के साथ मिलकर इस एआई मॉडल को और अधिक सटीक बनाने पर काम कर रहा है।