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रेलवे कायापलट: दशक भर में सत्तर फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण और हाइड्रोजन ट्रेन का तोहफा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से देश के रेलवे नेटवर्क में हुए अभूतपूर्व बदलाव और हाइड्रोजन ट्रेनों के संचालन पर बड़ा बयान दिया है।

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Kantap News डेस्क
17 अग 2026, 17:35
रेलवे कायापलट: दशक भर में सत्तर फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण और हाइड्रोजन ट्रेन का तोहफा
भारतीय रेलवे ने पिछले एक दशक में तकनीकी प्रगति और बुनियादी ढांचे के विकास के मामले में मील का पत्थर साबित होने वाली उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष प्रकाश डाला कि वर्ष 1925 में जब से देश में विद्युतीकरण की शुरुआत हुई थी, तब से लेकर अगले नब्बे वर्षों में केवल तीस प्रतिशत रेल लाइनों को ही बिजली से जोड़ा जा सका था। इसके विपरीत, बीते दस वर्षों के छोटे से अंतराल में ही सत्तर प्रतिशत से अधिक रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।

हाइड्रोजन ट्रेन और हरित परिवहन की ओर कदम

देश अब पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसी कड़ी में हाइड्रोजन ट्रेनों के संचालन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई यह पहल भारतीय परिवहन तंत्र को पूरी तरह से आधुनिक बनाने का काम कर रही है। आधुनिक तकनीक के समावेश से न केवल ट्रेनों की गति और क्षमता में इजाफा हुआ है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी दर्ज की जा रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिल रही है।

यात्री सुविधाओं और भविष्य की योजनाएं

रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण से लेकर वंदे भारत जैसी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों के विस्तार तक, भारतीय रेल लगातार अपनी सेवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने में जुटी हुई है। सरकार का यह प्रयास है कि देश के दूरदराज के इलाकों को भी हाई-स्पीड और सुरक्षित रेल नेटवर्क से जोड़ा जाए, ताकि व्यापार, पर्यटन और आम नागरिकों की आवाजाही को सुगम बनाया जा सके। आने वाले समय में रेलवे के इस कायाकल्प से देश की आर्थिक वृद्धि को भी एक नया संबल मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
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