देश के महानगरों में बढ़ती वाहनों की संख्या और ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने एक नई तकनीक का विस्तार किया है। अब देश के चुनिंदा प्रमुख शहरों में पूरी तरह से स्वचालित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू कर दिया गया है। यह सिस्टम रियल-टाइम ट्रैफिक डेंसिटी का विश्लेषण करके खुद-ब-खुद ट्रैफिक लाइट के समय को नियंत्रित करता है, जिससे आपातकालीन वाहनों जैसे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड को ग्रीन कॉरिडोर स्वतः मिल जाता है।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर डिजिटल शिकंजा इस नई प्रणाली के तहत हर चौराहे पर हाई-रिजॉल्यूशन एआई कैमरे लगाए गए हैं जो बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग, रेड लाइट जंप और ड्राइविंग के दौरान फोन का इस्तेमाल करने वाले चालकों की पहचान तुरंत कर लेते हैं। उल्लंघन करने वाले वाहन मालिक के मोबाइल पर कुछ ही सेकंड के भीतर डिजिटल चालान पहुंच जाता है। इस व्यवस्था से ट्रैफिक पुलिस पर मैन्युअल दबाव कम हुआ है और वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति अनुशासन भी बढ़ रहा है।
आम जनता की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजनाएं नागरिकों की ओर से इस तकनीक का स्वागत किया जा रहा है क्योंकि इससे पीक आवर्स में भी यात्रा का समय काफी कम हो गया है। नगर निगम और पुलिस विभाग मिलकर इस प्रोजेक्ट के दूसरे चरण पर काम कर रहे हैं जिसके तहत आने वाले महीनों में इसे टियर-2 शहरों तक भी विस्तारित किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम स्मार्ट सिटी के सपने को साकार करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।