अंतरराष्ट्रीय मंचों और कूटनीतिक गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली बड़ी रिपोर्ट सामने आ रही है। उस विदेशी राष्ट्र ने जिसने अतीत में हर मोड़ पर पाकिस्तान का खुला समर्थन किया था और खुलकर भारत के विरुद्ध अपने तेवर तीखे किए थे, अब एक बार फिर अपनी खतरनाक रणनीतिक योजनाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस नए घटनाक्रम से दक्षिण एशियाई उपमहाद्वीप में भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ने की पूरी आशंका जताई जा रही है।