कंटाप
NEWS
शनिवार, 31 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
स्वदेशी परमाणु घड़ी के साथ इसरो के NVS-03 की सफल लॉन्चिंग, नेविगेशन उपग्रह कक्षा में स्थापित      नेतन्याहू के बहुमत से पिछड़ने पर अरब मीडिया में क्या कहा जा रहा है      95 साल बाद जनगणना में जाति पूछी जाएगी: यूपी-पंजाब समेत 5 चुनावी राज्यों में फिलहाल नहीं; बाकी देश में 25 जन...      बंगाल की खाड़ी में एक के बाद एक क्यों आ रहे समुद्री तूफान? 1970 वाले कनेक्शन का रिपोर्ट में खुलासा      आज का एक्सप्लेनर: गोहत्या पर 3 लोगों को उम्रकैद, कोर्ट बोला- सजा नहीं, तो गोमाता विलुप्त हो जाएंगी; क्या कह...      कल का मौसम, 31 अक्टूबर: शनिवार को 25 राज्यों में होगी बारिश, 50-60 की स्पीड से चलेगी हवा      अभिजीत दीपके से एक कदम आगे नेहा बोरा, समर्थन दोनों का लेकिन... विपक्ष की रामलीला मैदान रैली पर नया ट्विस्ट      'मोदी कहीं नहीं जाएगा' के नारों से गूंजा गुजरात, PM बोले- 'आखिरी सांस तक करूंगा देश की सेवा'     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
बॉलीवुड

अभिनय करियर का संघर्ष: छह साल तक नहीं मिला काम, पिता के किरदार ने बदली किस्मत

मनोरंजन जगत में अपनी पहचान बनाने के लिए कलाकारों को लंबा संघर्ष करना पड़ता है। छह साल तक कोई काम न मिलने पर एक कलाकार ने पेट पालने के लिए जिंगल्स गाए। बाद में पिता के एक खास रोल ने उनकी पूरी किस्मत ही बदल दी।

A
Ankit Yadav
30 अक्ट 2026, 11:21
अभिनय करियर का संघर्ष: छह साल तक नहीं मिला काम, पिता के किरदार ने बदली किस्मत

मनोरंजन जगत में छह साल का लंबा संघर्ष और कठिनाइयां

मनोरंजन उद्योग के भीतर काम हासिल करना किसी भी नए कलाकार के लिए बेहद कठिन चुनौती साबित होता है। इस विशेष स्थिति में एक कलाकार को अपने जीवन के शुरुआती दौर में लगातार छह साल तक किसी भी तरह का बड़ा अभिनय कार्य नहीं मिल सका था। इस लंबी और कठिन अवधि के दौरान उनके पास आमदनी का कोई स्थिर साधन नहीं बचा था। जीवनयापन की इस भीषण समस्या से निपटने के लिए उन्होंने विज्ञापनों के लिए छोटे गीत यानी जिंगल्स गाने का कठिन मार्ग चुना। विज्ञापन जगत के इन छोटे प्रोजेक्ट्स से मिलने वाले बेहद मामूली मेहनताना के जरिए उन्होंने किसी तरह अपने जीवन की गाड़ी को आगे बढ़ाया। इन छह वर्षों के दौरान उन्हें लगातार निराशा हाथ लगी लेकिन उन्होंने अपनी कला के प्रति समर्पण को किसी भी स्थिति में कम नहीं होने दिया। हर दिन आने वाली नई बाधाओं का सामना करते हुए वे अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करते रहे। मुंबई जैसे महंगे शहर में रहकर अपने सपनों को जिंदा रखना उनके लिए एक बहुत बड़ी परीक्षा जैसा था। विज्ञापन फिल्मों के लिए जिंगल्स गाने के दौरान भी उनका मुख्य लक्ष्य हमेशा अभिनय के क्षेत्र में ही अपनी एक स्थायी पहचान बनाने का ही रहा था। इस तरह का शुरुआती संघर्ष कई उभरते हुए कलाकारों के जीवन का एक अनिवार्य और बहुत ही कड़वा हिस्सा बन जाता है।

जिंदा रहने के लिए विज्ञापनों के जिंगल्स का सहारा

रोजी-रोटी की विकट समस्या का समाधान खोजने के लिए उन्होंने विज्ञापनों की दुनिया में अपनी आवाज का जादू बिखेरना शुरू किया। जिंगल्स रिकॉर्डिंग स्टूडियो में काम मिलने से उन्हें अपने दैनिक खर्चों को थोड़ा बहुत संभालने में जरूर मदद मिल गई थी। विज्ञापन निर्माताओं के लिए गाना गाना उनके लिए केवल पेट पालने का एक मजबूरी भरा साधन बनकर रह गया था। इस दौर में उनके करीबी दोस्तों और परिवार के लोगों ने भी उन्हें हरसंभव तरीके से मानसिक और भावनात्मक संबल प्रदान किया। काम की तलाश में वे रोजाना विभिन्न कार्यालयों के चक्कर काटते थे और निर्देशकों से अपनी कला का प्रदर्शन करने का मौका मांगते थे। जिंगल्स रिकॉर्डिंग के दौरान उन्होंने अपनी गायकी की क्षमता को भी बनाए रखा ताकि किसी भी मौके को हाथ से जाने न दिया जाए। इस प्रकार के छोटे कार्यों से मिलने वाला धन बहुत कम था लेकिन वह उनके जीवित रहने के लिए बेहद आवश्यक साबित हुआ। इस पूरी अवधि के दौरान उन्होंने कभी भी अपने मुख्य अभिनय लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया और लगातार अपने भीतर की प्रतिभा को मांझते रहे। विज्ञापनों की उन छोटी धुनों और पंक्तियों ने उनके जीवन के उस सबसे काले और निराशाजनक दौर में एक छोटा सा दीपक जलाने का काम किया था। उनके इस अटूट संघर्ष ने यह साबित कर दिया कि कठिन समय में भी यदि व्यक्ति अपने काम से जुड़ा रहे तो रास्ते किसी न किसी रूप में निकल ही आते हैं।

पिता के एक खास रोल ने पलटी पूरी किस्मत

कलाकार के जीवन में तब एक बहुत बड़ा और सकारात्मक मोड़ आया जब उन्हें एक फिल्म में पिता की भूमिका निभाने का प्रस्ताव मिला। पिता के इस विशिष्ट रोल ने पर्दे पर उनकी कलात्मक क्षमता को पूरी तरह से सबके सामने लाकर रख दिया। दर्शकों ने उनके द्वारा निभाए गए उस पिता के किरदार को बेहद सराहा और उनकी अभिनय शैली की जमकर प्रशंसा की। इस एक ही महत्वपूर्ण भूमिका के माध्यम से उनकी वर्षों की रुकी हुई किस्मत अचानक से पूरी गति के साथ चमक उठी। फिल्म निर्माताओं और बड़े निर्देशकों का ध्यान अब उनकी इस शानदार क्षमता की तरफ आकर्षित होने लगा था। इसके बाद उनके लिए अभिनय के नए और बड़े दरवाजे खुल गए तथा उन्हें लगातार कई बेहतरीन प्रोजेक्ट्स मिलने लगे। छह साल तक लगातार उपेक्षा का सामना करने वाले उसी कलाकार को अब पूरी फिल्म इंडस्ट्री में एक गंभीर और मंझे हुए अभिनेता के रूप में पहचाना जाने लगा। यह सफलता इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि मनोरंजन जगत में सही भूमिका मिलने पर किसी भी कलाकार का भाग्य रातोंरात बदल सकता है। उनके इस सफर से आज के दौर के कई अन्य नए कलाकारों को भी कड़ी मेहनत करते रहने की बड़ी प्रेरणा मिलती है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज