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बाजार में तेजी: कच्चे तेल की कीमतों में दो प्रतिशत तक की गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ खुले
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज सकारात्मक रुख के साथ हुई, जिसमें प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में आई नरमी के बीच बढ़त दर्ज की।
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Ankit Yadav
25 अग 2026, 18:19
भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबारी हफ्ते की शुरुआत काफी मजबूत और सकारात्मक माहौल के साथ हुई है। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी दोनों ही हरे निशान में खुले। शुरुआती घंटों के दौरान निवेशकों का भरोसा बढ़ा हुआ नजर आया, जिसका मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट को माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कमोडिटी बाजार में नरमी का सीधा सकारात्मक प्रभाव घरेलू अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट जगत के मुनाफे पर पड़ता है, जिससे निवेशकों में उत्साह का संचार हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतों का असर
वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल के दाम दो प्रतिशत तक फिसल गए हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, ऐसे में कच्चे तेल के मूल्यों में कमी आना देश के लिए बेहद राहत की खबर है। इससे देश के राजकोषीय घाटे पर पड़ने वाला दबाव कम होता है और साथ ही आयात बिल में भी भारी बचत होती है। विदेशी निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस परिस्थिति को सकारात्मक रूप से लिया है, जिसके परिणामस्वरूप बाजार के शुरुआती रुझानों में शानदार तेजी देखने को मिली और तमाम प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी का दौर शुरू हो गया।
कारोबार के शुरुआती सत्र में बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे महत्वपूर्ण सेक्टरों के शेयरों में अच्छी खासी लिवाली दर्ज की गई। बाजार जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक मोर्चे पर स्थितियां इसी प्रकार अनुकूल बनी रहीं, तो आने वाले सत्रों में भी बाजार अपनी इस तेजी को बरकरार रख सकता है। हालांकि, निवेशकों को यह सलाह भी दी जा रही है कि वे किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचें और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर पैनी नजर बनाए रखें, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव का दौर अक्सर तेजी से बदलता रहता है।
आने वाले दिनों में घरेलू शेयर बाजार की चाल मुख्य रूप से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के रुख, वैश्विक मुद्रास्फीति के आंकड़ों और कंपनियों के तिमाही प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। फिलहाल के लिए, कच्चे तेल के दामों में आई इस राहत भरी गिरावट ने भारतीय शेयर बाजार के कारोबारियों को एक मजबूत मंच प्रदान कर दिया है, जिससे निवेशकों का खोया हुआ आत्मविश्वास फिर से लौटता हुआ दिखाई दे रहा है। बाजार विश्लेषक उम्मीद कर रहे हैं कि यदि मौजूदा रुझान जारी रहे, तो सूचकांक अपने पिछले उच्च स्तरों को चुनौती देने की स्थिति में आ सकते हैं।