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उत्तराखंड विजन 2047: विश्व बैंक के अधिकारियों के साथ मुख्य सचिव ने की अहम बैठक, नया विकास रोडमैप तैयार
उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में मुख्य सचिव ने विश्व बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें भविष्य की विकास योजनाओं का खाका खींचा गया।
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Ankit Yadav
28 अग 2026, 17:56
उत्तराखंड के सुनहरे भविष्य और दीर्घकालिक विकास को गति देने के लिए राज्य प्रशासन ने एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य के मुख्य सचिव ने विश्व बैंक के प्रतिनिधियों के साथ राजधानी में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 'उत्तराखंड विजन 2047' के तहत एक नया और प्रभावी रोडमैप तैयार करना था, जिससे पहाड़ी राज्य में आर्थिक समृद्धि, बुनियादी ढांचे के विकास और सामाजिक कल्याण को एक नई दिशा मिल सके। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच राज्य की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कई अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
धारणीय विकास और बुनियादी ढांचे पर जोर
इस विशेष रोडमैप की रूपरेखा तैयार करते समय इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया है कि राज्य में होने वाला विकास पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ हो। उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। ऐसे में किसी भी विकास परियोजना से पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे, यह सरकार और विश्व बैंक दोनों की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। बैठक में आपदा प्रबंधन, हरित ऊर्जा, जल संरक्षण, आजीविका के नए साधन और आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों का मानना है कि इन क्षेत्रों में सुनियोजित निवेश से राज्य की अर्थव्यवस्था को अगले दो दशकों में अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से बढ़ेगी रफ्तार
विश्व बैंक के साथ इस प्रकार की उच्चस्तरीय साझेदारियों से उत्तराखंड को वैश्विक स्तर की तकनीकी विशेषज्ञता और वित्तीय सहायता मिलने का मार्ग प्रशस्त होता है। बैठक में इस बात पर भी सहमति जताई गई कि विभिन्न परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारा जाए ताकि आम जनता को इनका प्रत्यक्ष लाभ जल्द से जल्द मिल सके। रोजगार के नए अवसरों के सृजन और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष रणनीतियां बनाई जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के दूरदराज के इलाकों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाई जाएं, जिससे पलायन की समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और युवाओं को उनके गृह क्षेत्र में ही बेहतरीन अवसर मिल सकें।
भविष्य की नीतियां और आगे की राह
आने वाले हफ्तों में इस रोडमैप को अंतिम रूप देने के लिए कई दौर की और बैठकें आयोजित किए जाने की संभावना है। राज्य प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे विश्व बैंक के साथ मिलकर काम करें और निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करें। 'उत्तराखंड विजन 2047' केवल एक दस्तावेज नहीं बल्कि इस पहाड़ी राज्य के कायाकल्प का एक ऐसा संकल्प है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक समृद्ध, सुरक्षित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की नींव रखेगा। जनता को भी इन विकास कार्यों से भारी उम्मीदें हैं और सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि यह नया रोडमैप धरातल पर किस प्रकार मूर्तरूप लेता है।