कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़: चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      दोगुनी रफ्तार से पिघल रहे हैं हिमालय के ग्लेशियर, 5 महीने पहले इस रिपोर्ट ने दी थी नेपाल में तबाही की चेतावनी      Balen Shah India: भारत ने बाढ़ के महासंकट में न‍िभाई दोस्‍ती, नेपाली PM बालेन शाह पहले विदेशी दौरे पर आएंगे द‍िल्‍ली      Raksha Bandhan 2026 Wishes: बड़े भाई से छोटे भाई तक, हर रिश्ते के लिए भेजें ये खास मैसेज, दिल में घुल जाएगा...      सोनिया गांधी की किताब में क्या है कि पेंगुइन ने छापने से किया इनकार, कौन सा हिस्सा हटाने को कहा      मुस्कान मर्डर केस में सामने आया CCTV वीडियो, हत्या के बाद भागता दिखा आरोपी इमरान      'भाजपा ने चुनाव हाईजैक किया, बंगाल पुलिस राक्षस बन गई है', ममता ने लगाए गंभीर आरोप      महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों को मिली बड़ी राहत, मराठी सीखने के लिए सरकार ने दी 1 साल की मोहलत     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
व्यापार

विदेशी निवेशकों की वापसी: अगस्त के पहले पखवाड़े में भारतीय शेयर बाजार में डाले 16,621 करोड़ रुपये

भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशी निवेशकों की तरफ से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अगस्त महीने के पहले पखवाड़े के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजारों में जबरदस्त लिवाली करते हुए कुल 16,621 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया है।

X
Kantap News डेस्क
17 अग 2026, 17:16
विदेशी निवेशकों की वापसी: अगस्त के पहले पखवाड़े में भारतीय शेयर बाजार में डाले 16,621 करोड़ रुपये
भारतीय शेयर बाजारों में विदेशी निवेशकों ने एक बार फिर से अपनी गहरी दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी है। पिछले कुछ महीनों की सुस्ती के बाद, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने अगस्त महीने के शुरुआती पखवाड़े के भीतर ही भारतीय इक्विटी में 16,621 करोड़ रुपये का शानदार निवेश किया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश ऐसे समय में आया है जब भारतीय कंपनियों के कॉर्पोरेट नतीजे काफी मजबूत और टिकाऊ नजर आ रहे हैं। इसके अलावा, वैश्विक बाजारों की तुलना में भारतीय शेयरों के मूल्यांकन में सुधार होने के कारण विदेशी निवेशकों को यहां बेहतर रिटर्न की उम्मीद दिखाई दे रही है, जिससे वे अपनी पूंजी को दोबारा भारत की तरफ मोड़ रहे हैं।

निवेश के पीछे मजबूत आर्थिक कारण

इस ताजा विदेशी पूंजी प्रवाह के पीछे कई ठोस आर्थिक कारक काम कर रहे हैं। देश के भीतर लगातार बढ़ रही घरेलू मांग, मजबूत बुनियादी ढांचे और अर्थव्यवस्था की बढ़ती रफ्तार ने विदेशी संस्थागत निवेशकों का भरोसा फिर से जीत लिया है। इसके अतिरिक्त, कंपनियों की आय में स्थिरता और भविष्य की विकास संभावनाओं को देखते हुए विश्लेषकों का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों में यह रुझान और अधिक मजबूत हो सकता है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे कुछ जोखिम अभी भी बने हुए हैं, लेकिन भारतीय बाजार की आंतरिक मजबूती इन बाहरी दबावों का सफलतापर्वक मुकाबला करती दिख रही है।

बाजार पर प्रभाव और निवेशकों की रणनीति

विदेशी निवेशकों के इस बड़े पैमाने पर बाजार में लौटने से घरेलू सूचकांकों को एक नई ताकत मिली है। खुदरा निवेशकों के साथ-साथ बड़े फंड हाउस भी अब इस सकारात्मक माहौल का लाभ उठाने के लिए अपनी रणनीतियों को नए सिरे से तैयार कर रहे हैं। वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि निवेशकों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ गुणवत्तापूर्ण शेयरों में निवेश करना चाहिए ताकि वे इस तेजी का पूरा फायदा उठा सकें। अगर वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं, तो आने वाले महीनों में भारतीय पूंजी बाजार में रिकॉर्ड तोड़ निवेश देखने को मिल सकता है, जो देश की आर्थिक वृद्धि को गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज