कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Balen Shah India: भारत ने बाढ़ के महासंकट में न‍िभाई दोस्‍ती, नेपाली PM बालेन शाह पहले विदेशी दौरे पर आएंगे द‍िल्‍ली      Raksha Bandhan 2026 Wishes: बड़े भाई से छोटे भाई तक, हर रिश्ते के लिए भेजें ये खास मैसेज, दिल में घुल जाएगा...      सोनिया गांधी की किताब में क्या है कि पेंगुइन ने छापने से किया इनकार, कौन सा हिस्सा हटाने को कहा      कैलाश मानसरोवर यात्रा का तिब्बत रूट कितना मुश्किल है, रास्ते में क्या चुनौतियां आती हैं?      ₹22,000 करोड़ के कर्ज का सिर्फ ₹6.5 करोड़ में निपटारा: NCLT ने सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान को मंजूरी दी;...      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      CM विजय तय सीट छोड़कर मंत्रियों के बीच बैठे: सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया, तमिलनाडु विधानसभा में ऐसा पह...     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
देश ब्रेकिंग

भागलपुर में गंगा के कटाव से दर्जनों परिवार बेघर, प्रशासन ने शुरू किया राहत कार्य

भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड में गंगा नदी के कटाव से कई गांव प्रभावित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

X
Kantap News डेस्क
07 अग 2026, 17:51
भागलपुर में गंगा के कटाव से दर्जनों परिवार बेघर, प्रशासन ने शुरू किया राहत कार्य

बिहार के भागलपुर जिले के अंतर्गत आने वाले सबौर प्रखंड के तटीय गांवों में गंगा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटाव की प्रक्रिया इतनी तेज हो गई है कि पिछले दो दिनों में ही आधा दर्जन से अधिक घर नदी की भेंट चढ़ गए हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह स्थिति किसी प्राकृतिक आपदा से कम नहीं है। कई परिवार अपने पशुओं और थोड़े बहुत घरेलू सामान को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

स्थानीय प्रशासन की तैयारी एसडीएम ने बताया कि कटाव वाले संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और सिंचाई विभाग के इंजीनियरों को मौके पर तैनात किया गया है। सरकारी प्राथमिक विद्यालय के भवन को भी खाली करवा लिया गया है क्योंकि नदी का रुख स्कूल की ओर है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे बने कच्चे घरों में न रुकें और सरकारी राहत केंद्रों का उपयोग करें। प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पानी और चिकित्सा की व्यवस्था की जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि हर साल कटाव के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर पत्थरबाजी या पक्का तटबंध बनाने का काम अधूरा ही रहता है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कटाव निरोधी कार्य किए गए होते, तो आज उन्हें अपनी पुश्तैनी जमीन और घर नहीं गंवाने पड़ते। फसलें भी पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। सरकार की तरफ से सहायता राशि की घोषणा तो कर दी गई है, लेकिन लोग चाहते हैं कि पुनर्वास के लिए पक्की जमीन दी जाए। भागलपुर के इस क्षेत्र में कटाव की समस्या बरसों पुरानी है और यह क्षेत्र के विकास के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि जलस्तर कम होने के बाद स्थायी समाधान पर विचार किया जाएगा।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज