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भागलपुर में गंगा के कटाव से दर्जनों परिवार बेघर, प्रशासन ने शुरू किया राहत कार्य

भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड में गंगा नदी के कटाव से कई गांव प्रभावित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

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Kantap News डेस्क
07 अग 2026, 17:51
भागलपुर में गंगा के कटाव से दर्जनों परिवार बेघर, प्रशासन ने शुरू किया राहत कार्य

बिहार के भागलपुर जिले के अंतर्गत आने वाले सबौर प्रखंड के तटीय गांवों में गंगा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटाव की प्रक्रिया इतनी तेज हो गई है कि पिछले दो दिनों में ही आधा दर्जन से अधिक घर नदी की भेंट चढ़ गए हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह स्थिति किसी प्राकृतिक आपदा से कम नहीं है। कई परिवार अपने पशुओं और थोड़े बहुत घरेलू सामान को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

स्थानीय प्रशासन की तैयारी एसडीएम ने बताया कि कटाव वाले संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और सिंचाई विभाग के इंजीनियरों को मौके पर तैनात किया गया है। सरकारी प्राथमिक विद्यालय के भवन को भी खाली करवा लिया गया है क्योंकि नदी का रुख स्कूल की ओर है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे बने कच्चे घरों में न रुकें और सरकारी राहत केंद्रों का उपयोग करें। प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पानी और चिकित्सा की व्यवस्था की जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि हर साल कटाव के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर पत्थरबाजी या पक्का तटबंध बनाने का काम अधूरा ही रहता है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कटाव निरोधी कार्य किए गए होते, तो आज उन्हें अपनी पुश्तैनी जमीन और घर नहीं गंवाने पड़ते। फसलें भी पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। सरकार की तरफ से सहायता राशि की घोषणा तो कर दी गई है, लेकिन लोग चाहते हैं कि पुनर्वास के लिए पक्की जमीन दी जाए। भागलपुर के इस क्षेत्र में कटाव की समस्या बरसों पुरानी है और यह क्षेत्र के विकास के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि जलस्तर कम होने के बाद स्थायी समाधान पर विचार किया जाएगा।

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