इस संयुक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य समुद्री बारूदी सुरंगों, जलीय विस्फोटकों और आधुनिक आईईडी खतरों से निपटने के लिए सर्वोत्तम तौर-तरीकों का आदान-प्रदान करना है।
विशेष गोताखोर टीमों की भागीदारी अभ्यास में दोनों देशों की नौसेनाओं की विशेषज्ञ गोताखोर और ईओडी टीमें हिस्सा ले रही हैं जो वास्तविक समुद्री स्थितियों में सिमुलेशन ड्रिल करेंगी।
समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूती नौसेना प्रवक्ता के अनुसार, यह वार्षिक अभ्यास दोनों नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता और सामरिक रक्षा सहयोग को और गहरा करेगा।