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जल संकट का खतरा: हिमाचल में मानसून के बाद भी खाली हैं बांध, भाखड़ा 65 और पोंग 40.7 फीट नीचे

हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून के दौरान अच्छी बारिश होने के बावजूद राज्य के प्रमुख जलाशयों का पूरा न भर पाना चिंता का विषय बन गया है। जलस्तर में आई इस कमी से आने वाले दिनों में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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Kantap News डेस्क
16 अग 2026, 18:59
जल संकट का खतरा: हिमाचल में मानसून के बाद भी खाली हैं बांध, भाखड़ा 65 और पोंग 40.7 फीट नीचे
हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून के सक्रिय रहने के बावजूद राज्य के बड़े बांधों और जलाशयों में पानी का स्तर पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पाया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, भाखड़ा बांध अपनी निर्धारित क्षमता से काफी नीचे चल रहा है और वर्तमान में यह करीब 65 फीट तक खाली है। इसके अलावा, पोंग बांध की स्थिति भी कुछ ऐसी ही बनी हुई है, जहां जलस्तर सामान्य से लगभग 40.7 फीट कम दर्ज किया गया है।

प्रमुख जलाशयों की स्थिति पर चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून सीजन के दौरान इस तरह बांधों का खाली रहना भविष्य में बिजली उत्पादन और सिंचाई योजनाओं को प्रभावित कर सकता है। राज्य के इन महत्वपूर्ण जलाशयों में पानी की आमद उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पाई है, जिसके कारण जलस्तर में अपेक्षित सुधार नहीं देखा गया है। प्रशासन और संबंधित विभाग इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि आने वाले महीनों में पानी की मांग को प्रबंधित किया जा सके। स्थानीय स्तर पर भी इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर भारी बारिश के दौर के बावजूद बांधों का जलस्तर क्यों नहीं बढ़ सका। हालांकि, जल प्रबंधन अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन जलाशयों में पानी का कम स्तर एक गंभीर विषय है जिस पर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विचार किया जा रहा है।
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